उच्च न्यायालय ने शीर्ष अदालत में एएजी नियुक्त करने के तमिलनाडु सरकार के आदेश को रद्द करने से इनकार किया

चेन्नई,चारसितंबर(भाषा)मद्रासउच्चन्यायालयनेतमिलनाडुसरकारकेहालकेउसशासनआदेशकोरद्दकरनेसेइनकारकरदियाहै,जिसमेंउच्चतमन्यायालयकेसमक्षराज्यकाप्रतिनिधित्वकरनेकेलिएदिल्लीमेंरहनेवालेदोअधिवक्ताओंकोअतिरिक्तमहाधिवक्ता(एएजी)केरूपमेंनियुक्तकियागयाथा।इससालछहअगस्तकेशासनआदेशकेजरिएराज्यसरकारनेवीकृष्णमूर्तिऔरअमितआनंदतिवारीकोएएजीकेरूपमेंनियुक्तकियाथा।मुख्यन्यायाधीशसंजीबबनर्जीऔरन्यायमूर्तिपीडीऔदिकेसावलुनेकहा,“यहशायदबेहतररहताअगरयाचिकादायरनहींकीजाती।”पीठनेशुक्रवारकोजनहितयाचिकाखारिजकरदीऔरकहाकिइसमेंकोईआधारनहींहै।साथमेंयाचिकाकर्तापरजुर्मानाभीलगाया।चेंगलपट्टूजिलेकेएचराजारामकीदलीलथीकिसंविधानकेअनुच्छेद165मेंकिसीभीराज्यकेलिएअतिरिक्तमहाधिवक्ता(एएजी)नियुक्तकरनेकाकोईप्रावधाननहींहै।उन्होंनेकहाकिअनुच्छेदकेतहत,राज्यकेराज्यपालद्वाराकेवलमहाधिवक्ताकीनियुक्तिकीजासकतीहै,लिहाजाशासनआदेशकोअसंवैधानिक,मनमानाऔरकानूनकेस्थापितसिद्धांतोंकेविपरीतहोनेकेकारणरद्दकरनेआग्रहकिया,क्योंकिइसपरराज्यपालके‘प्रधिकारी’कीजगहअतिरिक्तमुख्यसचिवनेहस्ताक्षरकिएहैं।अदालतनेकहाकियाचिकाकर्ताकीदलीलोंकाकोईआधारनहींहैकिमौजूदासरकारकेपासकिसीभीमामलेमेंयाकिसीभीतरीकेसेअदालतमेंउसकाप्रतिनिधित्वकरनेकेलिएकिसीएएजीयाकिसीअन्यव्यक्तिकोनियुक्तकरनेकाअधिकारनहींहोसकताहै।