तोड़ नहीं सकते पौने दो लाख भवन, नियमित करने के लिए लाएं सरल नियमावली

जागरणसंवाददाता,रांची:राजधानीकेव्यापारियोंऔरअधिवक्ताओंकाभीमाननाहैकिसरकारराजधानीकेएकलाख88हजार832भवनोंकोतोड़नहींसकती।बिनानक्शेकेबनेभवनोंकोनियमितकरनेकाएकमात्रउपायसरकारकेपासहै।सरकारइसेसरलनियमावलीलाकरनियमितकरे।इसकेलिएवहदिल्लीविकासप्राधिकरणद्वारालाईगईयोजनापीएमउदययोजनाकीतर्जपरझारखंडकेलिएनईयोजनातैयारकरसकतीहै।ऐसाकरराजधानीकेबिनानक्शेकेबनाएगएभवनोंकोनियमितकियाजासकताहै।कारोबारियोंनेकहाकिऐसाहोनेसेजहांसरकारकोराजस्वमिलेगा।वहीं,जनताभीतनावसेमुक्तहोजाएगी।जनताकेविकासकारास्ताखुलेगा।बैंक्वेटहॉल,हॉस्टलआदिभीनियमितहोजाएंगे।व्यावसायिकइमारतोंकोभीलाइसेंसमिलजाएगा।नगरनिगमकोनियमितशुल्कमिलनेलगेगाऔरकारोबारीभीनिश्चिंतहोकरअपनाकारोबारकरेंगे।दैनिकजागरण'अबहोनाचाहिएसमाधान'अभियानचलारहाहै।इसकेतहतबुधवारकोवेबिनारआयोजितकियागया।इसमेंकईकारोबारियोंऔरअधिवक्ताओंनेअपनीरायरखी।

नगरनिगमकोजनताकेहितमेंकामकरनाचाहिए।एकलाख88हजार832इमारतोंकोतोड़नाकिसीभीहालमेंसंभवनहींहै।इसलिएराज्यसरकारसरलनियमावलीलाकरइनइमारतोंकोनियमितकरे।राज्यसरकारनेसाल2016औरसाल2019मेंनियमितीकरणनीतिलागूकीथी।उसमेंबहुतसारीजटिलताएंथीं।इसीवजहसेइमारतोंकानियमितीकरणनहींहोपाया।जोइमारतेंबनगईहैं,उन्हेंतोड़नातोठीकनहींहोगा।जबभवनकानिर्माणशुरूहोताहै,रांचीनगरनिगमकेअधिकारीऔरकर्मचारीगायबरहतेहैं।भवनबननेके25सालबादनिगमकेकर्मचारीबोलतेहैंकियहअवैधहै।जबभवनअवैधतरीकेसेबनरहाहोताहै।तभीइसेरोकाजाए।

-धीरजतनेजा,अध्यक्ष,फेडरेशनऑफझारखंडचेंबरऑफकॉमर्सएंडइंडस्ट्री

अभीअंग्रेजहुकूमतनहीं,जनताकीचुनीहुईसरकारहैतोजनताकेहितमेंफैसलेलेनेचाहिए।जोभीभवनबनेहैंइन्हेंप्रशासनकेपहलेकेअफसरोंनेहीबनवाएहैं।अबइनइमारतोंकोअवैधकहाजारहाहै।लोगजिदगीभरकीकमाईलगाकरइमारतखड़ीकरतेहैं।नगरनिगमकाकामसुविधादेनाहैऔरउससुविधाकेबदलेमेंशुल्कलेनाहै।सरकारकोसभीभवनोंकोनियमितकरनेकेलिएनीतिलानीहीहोगी।इसबारसरलनीतिलाईजाए।पिछलीबारकीदोनीतियोंमेंइमारतकेनियमितीकरणकेलिएशुल्कभीज्यादारखागयाथा।शुल्कभीअधिकनहींहोनाचाहिए।ताकिलोगआसानीसेइसेदेसकेंऔरइसकीजटिलताकोभीखत्मकियाजाए।दिल्लीसरकारकीतर्जपरनियमावलीबनाकरइमारतोंकोनियमितकियाजाए।

-विकासविजयवर्गीय,संयुक्तसचिव,फेडरेशनऑफझारखंडचेंबरऑफकॉमर्सएंडइंडस्ट्री

लोगरांचीनगरनिगमसेडरनेलगेहैं।नगरनिगमकोचाहिएकिनागरिकसुविधादे।लोगोंकोडराएनहीं।अभीजिसतरहसेजुर्मानाकाटाजारहाहै।वहअप्रत्याशितहै।नगरनिगमसिर्फराजस्ववसूलीहीनहींकरे।लोगोंकेभवनोंकेनियमितीकरणकाकामभीहोनाचाहिए।इसकेलिएसरकारनीतिबनाए।लोगज्यादाझंझटनहींचाहते।आसाननीतिबनाईजाएताकिआमआदमीइसकाफायदाउठातेहुएअपनीइमारतकोनियमितकरासके।पिछलीबारजोनीतिआईथी,उसमेंकईलोगोंनेअपनीइमारतकोनियमितकरनेकेलिएआवेदनदियाथा।पैसेभीजमाकिएथे।नापैसेवापसकिएगएऔरनाहीआवेदनकानिस्तारणकियागया।रांचीनगरनिगमकोचाहिएकिऐसेलोगोंकेपैसेवापसकराए।

-रोहितअग्रवाल,संयुक्तसचिव,फेडरेशनऑफझारखंडचैंबरऑफकॉमर्सएंडइंडस्ट्री।

सरकारकोजल्दसेजल्दभवनोंकोनियमितकरनेकेलिएनियमावलीबनानीचाहिए।सरकारनियमावलीजारीकरनेसेपहलेइसकाड्राफ्टजनताकोबतायाजाए।आपत्तिऔरसुझावले।जोभीसुझावहैउनकोध्यानमेंरखतेहुएनियमावलीतैयारकीजाए।पिछलीनियमावलीमेंनियमितीकरणकाशुल्कबहुतअधिकथा।इसबारकीनियमावलीमेंशुल्ककमहोनाचाहिए।ताकिज्यादासेज्यादालोगइसकाफायदालेसकें।अबज्यादाजरूरतनईरांचीबसानेकीहै।दिल्लीमेंपुरानीदिल्लीकोतोड़ानहींगया।पुरानीदिल्लीमेंआजभीसंकरीगलियांहैं।उसीतर्जपररांचीकेपुरानेइलाकेकोनियमितकियाजाए।पिछलीबारसाल2019मेंजोनियमितीकरणपॉलिसीलाईगईथी।उसमेंदूसरीमंजिलतककीहीइमारतोंकोनियमितकरनेकाप्रविधानथा।इसलिएजिनकेपासतीनमंजिलसेअधिककेभवनथे।वहनियमितनहींहोपाए।

अमितशर्मा,कार्यकारीसदस्यफेडरेशनऑफझारखंडचैंबरऑफकॉमर्सएंडइंडस्ट्री

राजधानीकीइमारतोंकोनियमितकरनेकेलिएसरकारकोअविलंबनीतिबनानीचाहिए।पिछलीबारजोभीनियमावलीबनीथीवहव्यावहारिकथी।उसमेंलचीलापनलानाजरूरीहै।लोगजीवनभरकीपूंजीलगाकरअपनेभवनबनातेहैं।जबप्लाटखालीहोतेहैंऔरउनपरनिर्माणशुरूहोताहै,तबरांचीनगरनिगमकेअधिकारीसोएरहतेहैं।जबनिर्माणहोजाताहैतोउनकेमालिककोनोटिसदेतेहैं।इनभवनोंकोबननेसेपहलेहीरांचीनगरनिगमकोभवनमालिककोबतानाचाहिएकिवहनक्शापासकरालें।इसकेलिएरांचीनगरनिगमलोगोंकेबीचजागरूकतालाए।जिनलोगोंनेबिनानक्शेकेभवनबनालिएहैंउनकोएकरिक्वेस्टलेटरदियाजाएकिआपअपनेभवनकानक्शापासकरालें।प्रशासनपहलेहीनोटिसदेकरडरादेताहै।इसीलिएलोगनक्शाबनवानेमेंकतरातेहैं।

-धीरजकुमार,अधिवक्ताहाईकोर्ट।