सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट, भारत बायोटेक से कोविड-19 टीकों की कीमत कम करने को कहा: आधिकारिक सूत्र

(पायलबनर्जी)नयीदिल्ली,26अप्रैल(भाषा)केंद्रसरकारनेसोमवारकोसीरमइंस्टीट्यूटऔरभारतबायोटेकसेकहाकिवेअपनेकोविड-19टीकोंकीकीमतकमकरें।सरकारनेइनदोनोंकंपनियोंकोटीकोंकेदामकरनेकेलिएऐसेसमयकहाहैजबविभिन्नराज्योंनेआलोचनाकरतेहुएइनकंपनियोंपरऐसेबड़ेसंकटकेदौरानमुनाफाखोरीकाआरोपलगायाहै।कैबिनेटसचिवराजीवगौबाकीअध्यक्षतामेंहुईएकबैठकमेंटीकेमूल्यनिर्धारणकेमुद्देपरचर्चाकीगई।अबउम्मीदहैकिदोनोंकंपनियांअपनेटीकोंकेलिएसंशोधितमूल्यनिर्धारणकेसाथसामनेआएंगी।हैदराबादस्थितभारतबायोटेकनेअपनेकोविड-19टीके‘कोवैक्सीन’कीकीमतराज्यसरकारोंकेलिए600रुपयेप्रतिखुराकऔरनिजीअस्पतालोंकेलिए1,200रुपयेप्रतिखुराकनिर्धारितकीहै।वहींपुणेस्थितसीरमइंस्टीट्यूटऑफइंडिया(एसआईआई)नेअपनेकोविड-19टीके'कोविशील्ड'कीराज्यसरकारोंकेलिएकीमत400रुपयेप्रतिखुराकऔरनिजीअस्पतालोंकेलिए600रुपयेप्रतिखुराकघोषितकीहै।दोनोंटीके150रुपयेप्रतिखुराककीदरसेकेंद्रसरकारकोउपलब्धहैं।केंद्रसरकारनेतीसरेचरणमेंअपनीटीकाकरणरणनीतिमेंढीलदीहैजिसकेतहतदेशमें18वर्षसेअधिकआयुकेलोगएकमईसेटीकालेसकेंगे।नयीरणनीतिकेतहत,टीकानिर्माताअपनीमासिकसेंट्रलड्रग्सलेबोरेटरी(सीडीएल)की50प्रतिशतखुराककीआपूर्तिकेंद्रसरकारकोकरेंगेऔरशेष50प्रतिशतखुराकराज्यसरकारोंऔरखुलेबाजारमेंआपूर्तिकरनेकेलिएस्वतंत्रहोंगे।सरकारनेकहाथाकिनिर्माताओंको50प्रतिशतआपूर्तिकेलिएमूल्यकीअग्रिमघोषणाकरनीहोगीजोराज्यसरकारोंऔरखुलेबाजारमेंउपलब्धहोगी।कईराज्योंनेटीकोंकीअलग-अलगकीमतोंपरआपत्तिजताईहैऔरदिल्लीकेमुख्यमंत्रीअरविंदकेजरीवालनेकहाकियहमुनाफाखोरीकासमयनहींहै।केरजीवालनेटीकानिर्माताओंसेअपीलकीकिवेकीमतकमकरके150रुपयेप्रतिखुराककरें।उन्होंनेकहाकिकंपनियोंकेपासमुनाफकमानेकेलिएसमयआगेमिलेगीलेकिनउन्हेंइससमयमानवतादिखानीचाहिए।उन्होंनेकहाकिकेंद्रसरकारकोजरूरतपड़नेपरटीकोंकीकीमततयकरनीचाहिए।कांग्रेसनेटीकाकरणसेजुड़ीनीतिको‘भेदभावपूर्णऔरअसंवेदनशील’करारदेतेहुएरविवारकोआरोपलगायाकिकेंद्रसरकारमुनाफाखोरोंको1.11लाखकरोड़रुपयेकीमुनाफाखोरीकरनेकीअनुमतिदेरहीहै।पार्टीमहासचिवऔरमुख्यप्रवक्तारणदीपसुरजेवालानेकहा,‘‘45सालसेकमउम्रकीआबादी101करोड़है।उन्हेंटीकालगानेकेलिए,हमें202करोड़खुराककीजरूरतहैऔरइनकीलागतराज्योंयाव्यक्तियोंकोस्वयंवहनकरनीहोगी।इसकेआधारपरऔरयहमानतेहुएकिराज्य50प्रतिशतटीकाकरणप्रदानकरेंगेऔरव्यक्तियोंकोटीकाकरणलागतका50प्रतिशतवहनकरनाहोगादोटीकानिर्माताओं-सीरमइंस्टीट्यूटऑफइंडियाऔरभारतबायोटेककालाभ-1,11,100करोड़रुपयेहोगा।’’उन्होनेआरोपलगाया,‘‘मोदीसरकारटीकाकरणकीआड़मेंमुनाफाखोरीकीअनुमतिदेनेकीदोषीहै।मोदीसरकार18से45वर्षआयुकेदेशकेनागरिकोंकोमुफ्तटीकाउपलब्धकरानेकीअपनीजिम्मेदारसेपल्लाझाड़नेकीभीदोषीहै।’’हालांकि,सीरमइंस्टीट्यूटऑफइंडिया(एसआईआई)नेशनिवारकोकोविशील्डवैक्सीनकामूल्यशुरुआतीकीमतकेमुकाबलेडेढ़गुनातयकरनेकेफैसलेकाबचावकरतेहुएकहाकिशुरुआतीकीमतअग्रिमवित्तपोषणपरआधारितथीऔरअबउसेउत्पादनक्षमताबढ़ानेकेलिएऔरअधिकनिवेशकरनेकीजरूरतहै।हैदराबादस्थित‘भारतबायोटेक’कंपनीकेअध्यक्षएवंप्रबंधनिदेशककृष्णाएमएल्लानेकहाथाकिउनकीकंपनीकेन्द्रसरकारको150रुपयेप्रतिखुराककीदरसेकोवैक्सीनकीआपूर्तिकररहीहै।एल्लानेकहा,‘‘हमयहबतानाचाहतेहैंकिकंपनीकीआधीसेअधिकउत्पादनक्षमताकेन्द्रसरकारकोआपूर्तिकेलिएआरक्षितकीगईहै।’’उन्होंनेकहाकिकोविड-19,चिकनगुनिया,जीका,हैजाऔरअन्यसंक्रमणोंकेलिएटीकाविकसितकरनेकीदिशामेंआगेबढ़नेकेलिएजरूरीहैकिइसटीकेकीलागतवसूलहो।