संकट में दुधमुंहों के जीवन के रक्षक बने विनीत

धर्मेशशुक्ला,लखीमपुर

बिनादूधकेएकदुधमुंहेबच्चेकोबिलखतादेखविनीतकेदिलोदिमागपरऐसागहराअसरपड़ाकिवहअबहरक्वारंटाइनसेटरोंपरमासूमोंकेलिएगायकादूधवपौष्टिकआहारपहुंचाताहै।

पिछले25दिनसेविनीतकायेकामजारीहै।वहअपनेइसकामकीकोईभीतस्वीरसोशलमीडियापरशेयरनहींकररहे।कोरोनासंकटसेलड़रहेविनीतहरदिनतीनक्वारंटाइनसेंटरोंमेंसुबहशामपहुंचरहेहैंऔरमासूमोंकोनयाजीवनदेरहेहैं।उन्होंनेक्वारंटाइनसेंटरोंपरस्टीकरचस्पाकररखाहैकिएकसालतककेबच्चेकेलिएहरवक्तदूधकेलिएफोनकरें।तहसीलदारसदरउमाकातत्रिपाठीविनीतकेइसकामकीप्रशंसाकरतेनहींअघारहे।वहकहतेहैंऐसेयुवाओंकीकोरोनाकालमेंदेशकोबहुतजरूरतहै।प्रवासीमहिलाकीमागनेदीविनीतकोप्रेरणाविनीतकहतेहैं10मईकोभीएलआरपीरोडपरबनेक्वारंटाइनसेंटरप्रेसीडेंटलॉनमेंलोगोंकोचायबांटरहेथे,तभीहरियाणासेआईबससेगोदमेंएकसालकाबच्चालिएएकमहिलाउतरी।विनीतकेहाथमेंकेतलीदेखकरगिड़गिड़ानेलगीकिउसकाबच्चाभूखसेबेहालहै,उसेदूधलादीजिए।उसमहिलानेयहकहकरविनीतकोस्तब्धकरदियाकिउसनेदोदिनसेकुछनहींखाया,उसकेशरीरमेंएकबूंददूधनहींबचा,बच्चापिछलेकईघटोंसेभूखाऔरबेहालहै।विनीतमहिलाकीबातसुनकरवापसचायबांटनेकेअपनेकाममेंलगगएऔरकरीबबीसमिनटबादजबवहदूधलानेकेलिएगएतबतकमहिलासमेतसभीबसमेंसवारप्रवासीस्क्रीनिंगकराकरवापसधौरहराकेलिएचलेगएथे।इसघटनानेविनीतकोअंदरतकझकझोरदिया।उसीदिनसेविनीतऐसेबच्चोंकेलिएगायकोदूधबांटनेकेकाममेंलगगए।

नहींआईनींदजबनिकलेदसपॉजिटिवविनीतऔरउनकेसहयोगीआकाशदोनोंकीहलक13मईकोसूखगई।वहदोनोंएकक्वारंटाइनसेंटरपरप्रवासियोंकोचायवबच्चोंकोदूधबांटकरआएथे,शामकोरिपोर्टआईकिउसमें10प्रवासीपॉजिटिवहोगए।दोनोंकोगहराधक्कालगा।विनीतकहतेहैंकिरातभरउनकोनींदनहींआईसुबहसबसेपहलेअपनीजाचकराईभगवानकाशुक्रथाकिवहस्वस्थनिकले।वहकहतेहैंकिसभीक्वारंटाइनसेंटरपरजनताक‌र्फ्यूकेअगलेदिनसेचायभीबांटरहेलेकिनदूधबांटनेकाक्रम10मईसेशुरूहुआ।