निदेशक बोले- वाराणसी और UP की विरासत को सहेजने के लिए सरकार को सलाह देगा संस्थान

वाराणसीस्थितIIT-BHUकोभारतसरकारद्वाराहेरिटेजएडवाइजरनॉमिनेटकियागयाहै।संस्थानकेवास्तुकला,योजनाएवंअभिकल्पविभागकोसंस्कृतिमंत्रालयकेअंतर्गतराष्ट्रीयसंस्मारकप्राधिकरणद्वाराविशेषज्ञविरासतनिकायविशेषज्ञबनायागयाहै।यहजिम्मेदारीमिलनेकेबादIIT-BHUकेनिदेशकप्रोफेसरप्रमोदकुमारजैननेकहाकिइसविभागकोदेशकेपूर्वी,मध्यवर्तीऔरउत्तरीक्षेत्रोंमेंविरासतपरामर्शदाताकेउद्देश्यसे2019मेंस्थापितकियागयाथा।

विभागइसीक्षेत्रमेंदेशकेकुछमहानवास्तुविदोंकेसाथकार्यकरताहै।यहहमारीएकबड़ीउपलब्धिहैऔरनएविभागकेविकासमेंयहकाफीअहमहोगा।प्रो.जैननेकहाकिसंस्थानवाराणसीएतिहासिकमूल्योंवालेसांकृतिकसमृद्धस्थलोंकेमरम्मतऔरसंरक्षणकेलिएसरकारकोसलाहदेगा।वहीं,उनस्थलोंकोभीसहेजनेकापरामर्शदेगाजोकिभविष्यमेंचिन्हितकिएजाएंगे।

इनविरासतस्थलोंकोIIT-BHUकरसकताहैकवर

प्रो.जैननेबतायाकिIIT-BHUअयोध्या,काशीसहितसारनाथ(वाराणसीकेनिकटस्थितहैऔरबुद्धकालकेउत्खननएवंसम्राटअशोकद्वाराबनाएगएचारशेरोंकेवास्तविकमूर्तिजोगणतन्त्रभारतकाराष्ट्रीयप्रतीकहै),सांचीस्तूप,मध्यप्रदेश,नालंदामहाविहार(बिहार)कावास्तुकलास्थल,ताजमहल,फतेहपुरसिकरी,इमामबाडाऔरलखनऊकेकुछविरासतवालीभवनोंपरकामकरसकताहै।उन्होंनेकहाकिIIT-BHUकास्थानबहुतमहत्वपूर्णहै,क्योंकियहपवित्रशहरवाराणसीमेंस्थितहैजोसमृद्धसांस्कृतिकऔरविरासतमूल्योंकोसमाविष्टकिएहुएहै।

ड्रेनेजसिस्टमऔरसड़कोंकेरखरखावकेभीमुद्दे

प्रो.जैननेबतायाहैकिकेंद्रीयसंरक्षितस्मारकोंऔरसंरक्षितक्षेत्रोंकेधरोहरकेनियमऔरउपविधियांजल्दहीबनाईंजाएंगी।कहाकिविशेषज्ञविरासतनिकायकेनामांकनसेसंबन्धितमुद्देकुछसमयकेलिएभारतसरकारकेविचाराधीनथे।इससंबंधमें,केंद्रसरकारनेसंस्कृतिमंत्रालयकेदिनांक10मार्च2014केअधिसूचनामेंसंशोधनकियाऔर30नएविशेषज्ञविरासतनिकायनामितहुए।नएविरासतनिकायकाकार्यदेशकेविभिन्नक्षेत्राधिकारमेंधरोहरउप-विधिकानिर्माणकरनाथा।इसकेअलावाविरासतनिकायोंकोहाइट,अग्रभाग,ड्रेनेजसिस्टम,सड़कोंऔरसाथहीसेवा-विनिर्माणजैसेधरोहरनियंत्रणसेजुड़ेमुद्दोंकोदेखनेकेलिएनामितकियाजाताहै।उन्होंनेइसउपलब्धिकाश्रेयविभागऔरयहांकीनईफैकल्टीकोदियाहै।