महामारी के बीच बिहार में चुनाव की चुनौती में सफल रहा निर्वाचन आयोग : मुख्य निर्वाचन आयुक्त अरोड़ा

(नीलेशभगत)नयीदिल्ली,28दिसंबर(भाषा)इसगुजरतेसालमेंकोविड-19महामारीकीचुनौतियोंसेनिर्वाचनआयोगभीअछूतानहींरहा।यहीवजहहैकिमुख्यचुनावआयुक्तसुनीलअरोड़ा2020मेंमहामारीकेबीचबिहारविधानसभाचुनावोंकोसफलतापूर्वकसंपन्नकरानेकेबड़ीउपलब्धिकरारदेतेहैं।उन्होंनेकहाकिअबअगलेसालकेकार्यक्रमकेमुताबिकराज्योंवकेंद्रशासितप्रदेशोंमेंचुनावकरानेकीतैयारीकीजारहीहै।मुख्यनिर्वाचनआयुक्त(सीईसी)नेबतायाकिबिहारचुनावमेंकरीब7.3करोड़मतदाताथेजिनकेलिये1.06लाखमतदानकेंद्रबनाएगएथे।अरोड़ाने‘पीटीआई-भाषा’सेकहा,“हमकोविड-सुरक्षितचुनावकरानेमेंसफलरहेऔरइसदौरानकरीब57.34प्रतिशतमतदाताओंनेअपनेमताधिकारकाइस्तेमालकिया,जो2015मेंहुएचुनावके56.8प्रतिशतमतदानसेज्यादाथा।”उन्होंनेकहाकिइनचुनावोंमेंमहिलामतदाताओंनेबढ़चढ़करहिस्सालियाऔरपुरुषोंकेमुकाबलेमतदानकेंद्रोंपरउनकीसंख्याज्यादाथी।उन्होंनेकहाकि80सालसेज्यादाकीउम्रवालेऔरदिव्यांगमतदाताओंकेलियेडाक-मतकीव्यवस्थाकीगईथी।उन्होंनेकहाकिइसकेअलावाभीनिर्वाचनआयोगनेराज्यसभाकीसीटोंऔरविभिन्नराज्योंमेंविधानसभाकीकरीब60सीटोंपरउपचुनावभीसफलतापूर्वकसंपन्नकराए।अरोड़ानेकहा,“यहसबकुछलाखोंअधिकारियों,सुरक्षाकर्मियों,नागरिकसंस्थाओंऔरव्यक्तियोंकेसाथहीराजनीतिकदलोंसमेतसभीपक्षकारोंऔरविशेषरूपसेमतदाताओंकेउत्साह,प्रतिबद्धताऔरसमर्पणसेसंभवहोपाया।”तयकार्यक्रमकेमुताबिकचुनावकरानेकेफैसलेकेसंदर्भमेंसीईसीनेकहा,“जैसाकिमैंनेपहलेउल्लेखकिया,यहआयोगकेलियेपूरेभरोसेकेसाथउठायागयाकदमथा,नकिबिनासोचेविचारेउठायागयाकदम।”कुछराजनीतिकदलोंनेपूर्वमेंआयोगसेअनुरोधकियाथाकिमहामारीकेदौरानचुनावनकराएं।बिहारविधानसभाचुनावमहामारीकेदौरानहोनेवालेपहलेपूर्णचुनावथे।उन्होंनेकहाकिसातकरोड़सेज्यादामतदाताओंमेंसेचारकरोड़सेज्यादामतदाताओंनेअपनेमताधिकारकाइस्तेमालकिया।दूरीकेनियमोंकोसुनिश्चितकरनेकेलियेनिर्वाचनआयोगनेप्रत्येकमतदानकेंद्रपरमतदाताओंकीअधिकतमसंख्याको1200सेघटाकर1000तककरदियाथा,इसकेकारणमतदानकेंद्रोंकीसंख्याबढ़गई।उन्होंनेकहाकिइसीतरहअगलेसालकेरल,तमिलनाडु,असमऔरपुडुचेरीकेसाथपश्चिमबंगालमेंचुनावहोनेहैंऔरयहांमतदानकेंद्रोंकीसंख्याकरीब28000बढ़जाएगी।जिनअन्यराज्योंमेंचुनावहोनेहैं,वहांकेविवरणपरकामकियाजारहाहै।अगस्तमेंनिर्वाचनआयोगनेकोरोनावायरसमहामारीकेदौरानचुनावकरानेकोलेकरविस्तृतदिशानिर्देशजारीकियेथे।चुनावप्रचारजबअपनेचरमपरथातबउसनेयहदेखतेहुएराजनीतिकदलोंकोनोटिसजारीकियाथाकिकोविडसंबंधीनियमोंऔरस्वास्थ्यमानकोंकापालननहींहोरहाहै।निर्वाचनआयोगऔरबिहारकेमुख्यनिर्वाचनअधिकारीकेकार्यालयद्वाराउपलब्धकराएगएआंकड़ोंकेमुताबिककोविड-19संबंधीनियमोंकेउल्लंघनपरविभिन्नरैलियोंऔरनेताओंवउम्मीदवारोंकीबैठकोंके“आयोजकों”केखिलाफ156मामलेदर्जकियेगए।एकअधिकारीनेबतायाकिआयोजकोंकेखिलाफमामलादर्जकियागयाक्योंकिउन्होंनेरैलियोंयाबैठकोंकेआयोजनकीइजाजतमांगीथीजिनमेंस्वास्थ्यसंबंधीदिशानिर्देशोंकापालनअनिवार्यथा।निर्वाचनआयोगनेतीनचरणमेंहुएचुनावसेपहलेहीस्पष्टकियाथाकिचुनावकेदौरानकोविड-19दिशानिर्देशोंकाउल्लंघनदंडप्रक्रियासंहिताकीधारा144केउल्लंघनकेतौरपरदेखाजाएगा।बिहारचुनावकेदौरानकरीब160टनजैवचिकित्सीयकचराभीपैदाहुआ,जिसेसमुचिततरीकेसेनिस्तारणकेलियेभेजागया।मतदाताओं,निर्वाचनकर्मियोंवसुरक्षाकर्मियोंकेलियेनिर्वाचनआयोगने18लाखफेसशील्ड,70लाखफेसमास्क,5.4लाखएकलइस्तेमालवालेरबरकेदस्तानेतथा7.21करोड़पॉलीथीनकेदस्तानेमतदाताओंकेलियेखरीदेथेजिससेवेईवीएमकेबटनइन्हेंपहनकरदबाएंऔरदस्तखतकरें।इससालचुनावसुधारोंसेजुड़ाएकऔररोचकघटनाक्रमहुआ।उच्चतमन्यायालयकेफरवरीकेएकनिर्देशकेबादनिर्वाचनआयोगनेमार्चमेंराजनीतिकदलोंसेकहाकिवेइसबातकोन्यायोचितठहराएंकिउन्होंनेक्योंआपराधिकपृष्ठभूमिवालेउम्मीदवारकोचुनावलड़नेकेलियेचुना।बिहारविधानसभाचुनावऐसेपहलेपूर्णचुनावथेजहांपार्टियोंनेअपनेउम्मीदवारोंकेबारेमेंऐसेविवरणसार्वजनिककिये।आयोगकेमुताबिकहालमेंहुएबिहारविधानसभाचुनावमेंखड़ेहुएआपराधिकइतिहासवालेकुल1,197उम्मीदवारोंमेंसेमान्यताप्राप्तराष्ट्रीयऔरक्षेत्रीयदलोंने467उम्मीदवारउतारेथे।इसबीच,आयोगनेसरकारकोअबतकसेवारतमतदाताओंकोउपलब्धइलेक्ट्रॉनिकलीट्रांसमिटेडपोस्टलबैलटसिस्टम(ईटीपीबीएस)सुविधाकोविदेशोंमेंरहरहेअर्हभारतीयमतदाताओंकोउपलब्धकरानेकाप्रस्तावभेजाहै।आयोगनेकहा,“आयोगअसम,पश्चिमबंगाल,केरल,तमिलनाडुऔरपुडुचेरीकेविधानसभाचुनावोंमेंइससुविधाकोतकनीकीऔरप्रशासनिकरूपसेलागूकरनेकेलियेतैयारहै।”