मेरी दहलीज से तेरी दहलीज तक आने में मत पूछ कि मैं अपने पीछे क्या-क्या छोड़ा

जागरणसंवाददाता,रोहतक:पीहरकामान,सुसरालकीशानहैबेटियां,इससृष्टिकीलाजहैंबेटियां..जैसीपंक्तियोंकोप्रस्तुतकरमहिलाकवयित्रीसरोजकौशिकनेसभीकोभाव-विभोरकरदिया।वहींदूसरीओरविनयगौड़नेअपनीपंक्तियोंकेमाध्यमसेकहाकिमेरीदहलीजसेतेरीदहलीजतकआनेमेंमतपूछकिमैंअपनेपीछेक्या-क्याछोड़आई।इसीतरहसेप्रदेशभरसेआईचालीसमहिलाकवयित्रियोंनेअपनेअंदरबहरहेरसधारकोदर्शकोंकेसमझप्रस्तुतकिया।रविवारकोमहिलाकाव्यमंचकेद्वाराप्रथमवार्षिककाव्यमहोत्सवमनायागया।कार्यक्रमकाआयोजनएमडीयूकेराधाकृष्णसभागारमेंकियागया।इसअवसरपरमुख्यातिथिसोनलदहियाऔरविशष्टअतिथिमहिलाउद्यमीरिष्वंतकौरनेदीपप्रज्जवलितकरकिया।इसकेसाथहीसोनलनेकन्याभ्रूणहत्यापरमार्मिककवितासुनाकरसभीकोभावुककरदिया।मंचकेसंस्थापकनरेशनाज,हरियाणाअध्यक्षडा.ज्योतिराजऔरमहासचिववंदनामलिकनेसंयुक्तरूपसेमंचकासंचालनकिया।इसदौरानडा.ज्योतिनेबतायाकिप्रदेशके12जिलोंमेंमहिलाकाव्यमंचकीइकाईयांकार्यकररहीहैं।मंचकाउद्देश्यमहिलाओंमेंरचनात्मकताकोजागरूककरनाहैऔरउन्हेंमंचप्रदानकरानाहै।इसमौकेपरअंजलीसिफर,सुमनसांगवान,सुनीता,डा.संतोषतृप्ता,डा.अनीताफोर,पूनमजोशी,बिजेशयादव,डा.रामाकांता,ममताशर्मा,डा.चित्रलेखा,रितु,शीतल,पुष्पलताआर्य,चंचल,डा.सोनियागोयलमौजूदरही।