Lok Sabha Election 2019: मजदूर राजनीति से पहचान मिली तो सांसद बन गए रामनारायण

धनबाद,बनखंडीमिश्रा।1971ई.मेंदेशमेंपांचवांआमचुनावहुआथा।चुनावसेपूर्वहीदेशकीराजनीतिमेंकाफीउथल-पुथलकीस्थितिउत्पन्नहोगईथी।पंडितजवाहरलालनेहरूकेनिधनकोअभीपांचसालभीपूरेनहींहुएथेकिइंदिरागांधीकोअपनीहीपार्टीयानीकांग्रेसमेंप्रबलविरोधकासामनाकरनापड़ा।नीलमसंजीवरेड्डी,एसनिजलिंगप्पा,के.कामराज,मोराजीदेसाईजैसेवरिष्ठकांग्रेसीनेताओंने,इंदिरागांधीके'मनमौजीफैसले'स्वीकारनेसेइनकारकरदियाथा।

कांग्रेससेनिकालदीगईथींइंदिराः1969मेंकांग्रेसकेवरिष्ठनेताओंऔरइंदिरागांधीकेबीचविवादकाफीबढ़गयाथा।नौबतयहांतकआगईकिकांग्रेसपार्टीसेइंदिराकोबाहरकारास्तादिखादियागया।यहींकांग्रेसदोफाड़होगई।अधिकांशकांग्रेसीइंदिरागांधीकेसाथरहे।इंदिरागांधीकेधड़ेकोकांग्रेस(आर)एवंइंदिराकेविरोधियोंकीपार्टीकोकांग्रेस(ओ)कहाजानेलगा।

1971सेहीटूटालोकसभाऔरविधानसभाचुनावकाआपसीतालमेलः1967तकदेशमेंआमचुनावऔरराज्यकीविधानसभाओंकेचुनावसाथ-साथहोतेथे।कायदेसेअगलाचुनाव1972ई.मेंहोनाचाहिएथा।लेकिन,कांग्रेसकेअंदरहीउपजेविवादकीवजहसे,अपनीहिलतीकुर्सीकेकारण,इंदिरागांधीनेचालाकीसे1971मेंहीआमचुनावकरवानेव्यवस्थाकरली।बस,यहींसेआमचुनावऔरराज्यकीविधानसभाओंकेलिएहोनेवालेचुनावोंकातालमेलटूटगया।तबसेआजतक,चुनावअलग-अलगहीहोतेरहेहैं।आर्थिकऔरमानवसंसाधनकाबेजाखर्चहोतारहाहै।

गरीबीहटाओकेनारेनेइंदिराकोदिलाईथीजीतःचुनावसेपहलेराजनीतिकतौरपरकमजोरलगरहीइंदिरागांधीऔरउनकीपार्टीकांग्रेस(आर)ने1971केचुनावमेंशानदारप्रदर्शनकिया।इसचुनावमेंइंदिराने'गरीबीहटाओ'काआकर्षकऔरलुभावनानारादिया।1966केपंजाबरिऑर्गनाइजेशनएक्टकेतहत,हिमाचलप्रदेशकागठनहोचुकाथा।इसइलाकेकेछहसीटोंकोघटाकरचारकरदियागयाथा।इसलिएइसबारलोकसभाकी520सीटोंकीजगह,कुल518सीटोंपरचुनावहुए,जिनमें352सीटोंपरइंदिराकीकांग्रेसनेकब्जाजमाया।

अबतककायहसबसेसंक्षिप्तचुनावथा: 1971काआमचुनावसबसेकमदिनोंकेखर्चमेंसंपन्नहुआथा।आजादभारतमेंअबतककायहपहलाचुनावथा,जोमहजदोसप्ताहमेंपूराहोगयाथा।यहचुनावएकअन्यमामलोंमेंऐतिहासिकरहाकिदोराजनीतिक-स्वतंत्रपार्टी(देशकेपहलेऔरअंतिमभारतीयगवर्नरजनरलसी.राजगोपालाचारीद्वारागठित)एवंजनसंघ(मौजूदाभाजपाकीमूलपार्टी)कायहअंतिमचुनावरहा।

धनबादमेंफिरकायमहुईथीकांग्रेसकीबादशाहत: 1967केआमचुनावमेंधनबादकीपरंपरागतसीटकांग्रेसकेहाथोंसेनिकलगईथी।रामगढ़राजकीरानीललिताराजलक्ष्मीनेजनक्रांतिदलकीटिकटपरचुनावलड़करकांग्रेससेधनबादसीटझटकलियाथा।लेकिन,महजचारसालबादही,1971ई.में,कांग्रेसनेपुन:इसेजीतनेमेंसफलताहासिलकरली।

बिनोदबिहारीमहतोको70,923वोटोंसेहराकररामनारायणबनेथेसांसद: 1971केआमचुनावमेंधनबादसेरामनारायणशर्मानेजीतदर्जकीथी।इसचुनावमेंवेकांग्रेसकेउम्मीदवारथे।उन्होंने107308वोटप्राप्तकिएथे।उनकेनिकटतमप्रतिद्वंद्वीझामुमोकेसंस्थापकसदस्यरहेबिनोदबिहारीमहतोकोमहज36,385मतप्राप्तहुएथे।बिनोदसीपीएमकेप्रत्याशीथे।दबंगमजदूरनेताएसकेराय16243वोटलाकरचैथेनंबरपररहेथे।चुनावीमैदानमेंरायनेसीपीआइकीओरसेतालठोकाथा।

मजदूरआंदोलनोंमेंअपनीसक्रियताकीवजहसेलोकप्रियहुएथेआरएनशर्मा: 1971केचुनावमेंधनबादसेसांसदकेतौरपरनिर्वाचितहुएरामनारायणशर्मास्वतंत्रतासेनानीथे।वेमूलरूपसेसारणजिलेकेथे।आजादीकीलड़ाईकेदौरानलगभगसाढ़ेतीनसालवेकारावासमेंरहे।31अगस्त1915कोजन्मेशर्माधनबादजिलाकांग्रेसकमिटीऔरबिहारप्रदेशकांग्रेसकमिटीकेमहासचिवरहे।वेइंटककेकार्यकारीअध्यक्षरहेथे।इसकेअतिरिक्तवेडीवीसीकर्मचारीसंघ,बोकारोस्टीलवर्कर्सयूनियनएवंहिंदुस्तानजिंकवर्कर्सयूनियन,टुंडुकेभीअध्यक्षथे।इंडियननेशनलमाइनवर्कर्सफेडरेशन,फर्टिलाइजरफैक्टरीजवर्कर्सयूनियन,प्रोविडेंटफंडसमेतकईसंगठनोंकेनेताथे।अंतर्राष्ट्रीयश्रमसंगठनकीबैठकोंमेंभागलेनेकेलिएउन्होंनेडेनमार्क,पिट्सबर्ग,अमेरिका,इंगलैंड,आयरलैंड,फ्रांस,बेल्जियम,नार्वे,यूगोस्लावियाजैसेदेशोंकादौराकियाथा।मजदूरोंकेप्रखरनेतारहेशर्माकोअपनीश्रमिकराजनीतिकालाभउसचुनावमेंमिलाऔरवोजीतदर्जकरनेमेंकामयाबरहे।

नहींकामआयाधनबल,तीसरेनंबरपररहेथेप्राणप्रसादः1971केचुनावमेंजबश्रमिकनेताऔरखादीग्रामोद्योगसेजुड़ेरामनारायणशर्माकोकांग्रेसनेउतारा,तोकईखानमालिकोंऔरपूंजीपतियोंकोयहबातनागवारगुजरीथी।उनलोगोंनेशर्माकेखिलाफमेसर्सबर्ड्सकंपनीलिमिटेडकेसिजुआक्षेत्रकेमहाप्रबंधकप्राणप्रसादकोचुनावमेंखड़ाकियाथा।देशकीइसप्रमुखकोयलाकंपनीकोअपनीवित्तीयसंपदाकादंभथा।प्राणप्रसादकीओरसेचुनावमेंखूबपैसेखर्चकिएगए।बिल्कुलकागजकेटुकड़ोंकीतरहनोटउड़ाएगएथे।प्रचारकेलिएहेलीकॉप्टरभीखूबउड़ानभरतेथे।लेकिन,'गुलाबकेफूल'चुनावचिन्हसेमैदानमेंउतरेप्राणप्रसादजनताकाभरोसानहींजीतपाएथे।