केंद्र कारपोरेट घरानों के हाथों की बनी कठपुतली : राणा कर्ण

संवादसहयोगी,काठगढ़

कृषिसुधारकानूनोंकेविरोधमेंचलरहासंघर्षपंजाबमेंपांचमहीनेपारकरगयाहैऔरदिल्लीबार्डरपरतीनमहीनेहोगएहैं।दुखकीबातहैकिकेंद्रसरकारकिसानोंकोअपनापरिवारनहींसमझरहीहै।वहएकऐतिहासिकभूलकररहीहै।केंद्रसरकारकेतीनकानूनोंकोलेकरदिल्लीकिसानजत्थेबंदियोंकीकालपरमंगलवारकोसभीकिसानपगड़ीसंभालजट्टामुहिमकेतहतसंघर्षमेंभागेदारीकरेंगे।इसीकोलेकरगांवजलालपुरमेंकिसानसंयुक्तमोर्चाकासम्मेलनगांवकेसरपंचजसपालसिंह,सतवंतकौर,गुरचरणसिंहवरामलालकीअध्यक्षतामेंहुआ।

इसअवसरपरमुख्यतौरपरकुलहिदकिसानयूनियनकेजिलाउपप्रधानराणाकर्णसिंहनेभागलिया।उनकेसाथइफ्टूकेपंजाबसचिवअवतारसिंहतारीनेभीशिरकतकी।इसअवसरपरराणाकर्णसिंहनेबतायाकिशहीदभगतसिंहकेचाचाअजीतसिंहकापगड़ीसंभालमिशन1906मेंहुआ,वहदेशकेकिसानोंवसरकारोंकेलिएएकमिसालपैदाकरगयाहै।अंग्रेजीसरकारभीतीनकालेकानूनोंकोथोपरहीथी।मगर,शहीद-ए-आजमभगतसिंहकेचाचाअजीतसिंहनेपगड़ीसंभालजट्टालहरचलाकरनौमहीनेबादइसेरदकरवायाथा।वहीबातअबकेंद्रसरकारकारपोरेटघरानोंकेहाथोंकीकठपुतलीबनकरलागूकररहीहै।मगर,ऐसाहोनहींपाएगा।

अवतारसिंहतारीनेकहाकिकिसानोंकाआंदोलनअबजनआंदोलनबनचुकाहै।अबयहसंघर्षविजयकीओरबढ़ताजारहाहै।किसानोंकाहौसलाबुलंदहै।वहभीअबडटेहुएहैं।उन्होंनेकहाकिमजदूरऔरकिसानअबपहलीबारएकप्लेटफार्मपरहैं।अबसियासीताकतेंघबरारहीहैं।उन्होंनेकहाकिकिसानोंकीमहापंचायतोंमेंकिसानबड़ीसंख्यामेंपहुंचरहेहैं।

चौधरीसतनामजलालपुरनेकहाकिकेंद्रसरकारकीसभीचालेंफेलहोचुकीहैं।किसानोंकीबसएकहीमांगहैकिकृषिसुधारकानूनरदहो।उन्होंनेकहाकिकेंद्रसरकारद्वारापेट्रोल,डीजल,रसोईगैसकीकीमतोंमेंरिकार्डबढ़ोतरीसेमहंगाईचरमसीमापरपहुंचगईहै।

इसअवसरपरकरनैलसिंह,राजिदरसिंहहोहटिया,पूर्वसरपंचदेसराज,पूर्वसरपंचभजनसिंह,सुच्चासिंह,संतोषसिंहपनियाली,मोहनसिंह,सोहनसिंह,शम्मीजलालपुर,रामपालसोबुआल,चरणजीतचन्नी,रघवीरसिंह,चौधरीश्रीराम,गुरदियालसिंहपन्नूआदिउपस्थितथे।