केंद्र बनाम दिल्‍ली सरकार: नए ऐक्‍ट से कितना बदलाव आएगा, पूर्व कैबिनेट सचिव से समझिए

नईदिल्‍लीसंसदसेहालहीमेंराष्ट्रीयराजधानीक्षेत्रदिल्लीकेउप-राज्यपालकोअधिकशक्तियांप्रदानकरनेवालेविधेयककोमंजूरीमिलनेकेबादकेंद्रऔरदिल्लीसरकारकेबीचटकरावबढ़नेकीआशंकाव्यक्तकीजारहीहैऔरआमआदमीपार्टीनेआरोपलगायाहैकियहकेंद्रद्वारालायागया‘मनमाना’विधेयकहै।पेशहैंइससंबंधमेंपूर्वकैबिनेटसचिवबीकेचतुर्वेदीसेभाषाकेपांचसवालपरउनकेजवाब...सवाल:दिल्लीकेउपराज्यपालकीभूमिकाऔरअधिकारोंकोपरिभाषितकरनेवालेहालमेंसंसदसेमंजूरविधेयककेप्रावधानोंकोआपकैसेदेखतेहैं?जवाब:इसविधेयकमेंकहागयाहैकिविधेयकमेंदिल्लीविधानसभामेंपारितविधानकेपरिप्रेक्ष्यमेंसरकारकाआशयराष्ट्रीयराजधानीक्षेत्रदिल्लीकेउपराज्यपालसेहोगा।सभीविधायीवप्रशासनिकनिर्णयोंमेंउपराज्यपालसेमंजूरीलेनादिल्लीसरकारकेलिएअनिवार्यहोगा।दिल्लीसरकारकोविधायीप्रस्तावपहलेउपराज्यपालकोभिजवानाहोगा।इसविधेयकसेपहलेदिल्लीसरकारप्राथमिकताकेआधारपरउप-राज्यपालकोअपनेफैसलोंसेजुड़ीफाइलोंकोस्वीकृतिकेलिएभेजतीथी।अबइसविधेयककेकानूनीरूपलेनेकेबाददिल्लीसरकारकेलिएउप-राज्यपालकोतयसीमाकेअंदरफाइलोंकोभेजनाजरूरीहोगा।ऐसीस्थितिमेंकेंद्रऔरदिल्लीसरकारकेबीचटकरावकीस्थितिपैदाहोसकतीहै।सवाल:दिल्लीकीशासनव्यवस्थासेजुड़ेइससंशोधनविधेयककेप्रावधानोंसेआपकितनासहमतहैं?जवाब:मेरेविचारसेपूर्वकाप्रावधानसहीथा।पहलेदिल्लीकेमुख्यमंत्रीकोदिन-प्रतिदिनकेकामकाजकेलिएउपराज्यपालकीसहमतिलेनेकीआवश्यकतानहींहै।लेकिनसंशोधनविधेयककेकानूनीरूपलेनेकेबाददिल्लीसरकारकेलिएउपराज्यपालसेअनुमतिलेनाअनिवार्यहोगा।इससेपहलेजबयहमामलाउच्चतमन्यायालयपहुंचाथातबअदालतनेस्पष्टकरदियाथाकिउपराज्यपालकीशक्तियांकानून-व्यवस्थाऔरभूमिसहितकेवलतीनमुद्दोंतकहीसीमितरहेंगी।सवाल:केंद्रसरकारकाकहनाहैकिदिल्लीकेप्रशासनमेंस्पष्टताएवंसामंजस्यकीदृष्टिसेउक्तविधेयकलायागया।आपइससेकितनासहमतहैं?जवाब:दिल्लीदेशकीराजधानीहोनेकेकारणसुरक्षाएकप्रमुखविषयहै।दिल्लीमेंप्रमुखमंत्रालयों/विभागोंकेमुख्यालयहैं,उचचतमन्यायालयहै,देशकीसंसदस्थितहै।ऐसेमेंसुरक्षा,कानूनएवंव्यवस्थाजैसेविषयोंकोउपराज्यपालकेदायरेमेंरखाजानाचाहिए।लेकिनस्वास्थ्य,शिक्षाएवंसामाजिकक्षेत्रएवंजनकल्याणसेजुड़ेविषयोंपरजनताकेचुनेहुएप्रतिनिधियोंकोतवज्जोदीजानीचाहिए।इनविषयोंकोभीउपराज्यपालकेदायरेमेंरखाजानाउपयुक्तनहींलगताहै।अच्छाहोताकिइनबातोंकोविधेयकमेंस्पष्टकियाजाताजिसकाध्याननहींरखागया।सवाल:दिल्लीमेंसीमितअधिकारोंवालीविधानसभाहोनेकीपृष्टभूमिमेंनयीव्यवस्थाकेक्यादूरगामीप्रभावपड़ेंगे?जवाब:1991मेंसंविधानके239एएअनुच्छेदकेजरियेदिल्लीकोकेंद्रशासितराज्यकादर्जादियागयाथा।इसक़ानूनकेतहतसार्वजनिकव्यवस्था,ज़मीनऔरपुलिसकोछोड़करदिल्लीकीविधानसभाकोकानूनबनानेकीशक्तिहासिलथी,लेकिनआनेवालेदिनोंमेंऐसीस्थितिनहींरहेगी।ऐसेमेंसामाजिकक्षेत्रसेजुड़ेकार्योंमेंजनप्रतिनिधियोंकीसहभागिताकमहोजाएगी।सवाल:दिल्लीसरकारइसविधेयककोअदालतमेंचुनौतीदेनेकीबातकहरहीहै।संसदमेंपारितविधेयककोन्यायालयमेंचुनौतीदेनेकीक्यासार्थकतारहेगी?जवाब:उच्चतमन्यायालयकेपाससंसदसेपासकिएगएकिसीकानूनकीसमीक्षाकरनेकाअधिकारहै।मूलकानूनमेंउपराज्यपालऔरदिल्लीसरकारकीशक्तियांबहुतस्पष्टहैं।पूर्वमेंभीसंसदसेपारितकईकानूनोंकोउच्चतमन्यायालयमेंचनौतीदीजाचुकीहै।ऐसेमेंइसेभीचुनौतीदीजासकतीहै।