जानें क्या है सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट: केरल सरकार खर्च करेगी 63,941 Cr., 11 जिले-529.45 km सिर्फ 3.52 घंटे में

इसप्रोजेक्टमेंराज्यकेदक्षिणीछोरऔरराज्यकीराजधानीतिरुवनंतपुरमकोकासरगोडकेउत्तरीछोरसेजोड़नेकेलिएराज्यकेमाध्यमसेएकसेमीहाई-स्पीडरेलवेकॉरिडोरकानिर्माणकरनाशामिलहै।

केरलसरकारकेड्रीमप्रोजेक्टसिल्वरलाइन(SilverLineproject)केलिएभूमिअधिग्रहण(acquiringland)शुरूकरनेकोमंजूरीदेदीगईहै।सेमीहाई-स्पीडरेलवेप्रोजेक्ट(semihighspeedrailway)कामुख्यउद्देश्यराज्यकेउत्तरीऔरदक्षिणीछोरकेबीचयात्राकेसमयकोकमकरनाहै।63,941करोड़रुपयेकीअनुमानितलागतवालीइसपरियोजनाकोसत्तारूढ़वामलोकतांत्रिकमोर्चा(LDF)सरकारद्वारासबसेबड़ेबुनियादीढांचाउपक्रममानाजारहाहै।इसप्रोजेक्टकाविरोधभीकियाजारहाहै।विरोधकरनेवालोंकाकहनाहैकिइसपरियोजनाकेकारण9हजारबिल्डिंगगिराईजाएंगीऔरकरीब10हजारपरिवारकोफिरसेरिलोकेटकियाजाएगा।

इसप्रोजेक्टमेंराज्यकेदक्षिणीछोरऔरराज्यकीराजधानीतिरुवनंतपुरमकोकासरगोडकेउत्तरीछोरसेजोड़नेकेलिएराज्यकेमाध्यमसेएकसेमीहाई-स्पीडरेलवेकॉरिडोरकानिर्माणकरनाशामिलहै।529.45किलोमीटरलंबीलाइनकाप्रस्तावहै।जिसमें11स्टेशनोंकेमाध्यमसे11जिलोंकोशामिलकियागयाहै।प्रोजेक्टकेपूराहोनेपरकासरगोडसेतिरुवनंतपुरमतक200किमी/घंटाकीयात्राकरनेवालीट्रेनोंमेंचारघंटेसेभीकमसमयमेंयात्राकीजासकतीहै।अभीइंडियनरेलवेनेटवर्कमेंइसदूरीकेलिएकरीबसमय12घंटेलगतेहैं।केरलरेलडेवलपमेंटकॉरपोरेशनलिमिटेड(KRDCL)केइसप्रोजेक्टकोपूराकरनेकेलिए 2025तककासमयनिर्धारितकियागयाहै।KRDCLयाK-Rail,केरलसरकारऔरकेंद्रीयरेलमंत्रालयकेबीचएकसंयुक्तउद्यमहै।

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शहरीनीतिविशेषज्ञोंद्वारालंबेसमयसेयहतर्कदियागयाहैकिराज्यमेंमौजूदरेलवेबुनियादीढांचाभविष्यकीमांगोंकोपूरानहींकरसकताहै।अधिकांशट्रेनेंमौजूदाखंडपरबहुतअधिककर्वऔरमोड़केकारण45किमी/घंटाकीऔसतगतिसेचलतीहैं।सरकारकादावाहैकिसिल्वरलाइनप्रोजेक्टसमयकीजरूरतहैक्योंकियहमौजूदारेलवेखंडसेयातायातकाएकमहत्वपूर्णभारउठासकतीहैऔरयात्रियोंकेलिएयात्राकोआसानऔरतेजबनासकतीहै।इससेसड़कोंपरभीड़कमहोगीऔरहादसोंऔरमौतोंमेंभीकमीआएगी।

केरलरेलकेअनुसार,इसपरियोजनामेंइलेक्ट्रिकमल्टीपलयूनिट(ईएमयू)प्रकारकीट्रेनेंहोंगीजिनमेंअधिमानतःनौकारेंहोंगीऔरप्रत्येकको12कारोंतकबढ़ायाजासकताहै।एकनौ-काररेकमेंअधिकतम675यात्रीबैठसकतेहैं।ट्रेनेंमानकगेजट्रैकपर220किमीप्रतिघंटेकीअधिकतमगतिसेदौड़सकतीहैं,चारघंटेसेकमसमयमेंकिसीभीदिशामेंयात्रापूरीकरसकतीहैं।दोटर्मिनलोंसहितकुल11स्टेशनप्रस्तावितहैं,जिनमेंसेतीनएलिवेटेड,एकअंडरग्राउंडऔरबाकीग्रेडपरहोंगे।कॉरिडोरकेप्रत्येक500मीटरपरसर्विसरोडकेप्रावधानकेसाथअंडरपैसेजहोंगे।

सरकारकादावाहैकिरेलवेलाइनग्रीनहाउसगैसउत्सर्जनकोकमकरेगी।रो-रोसेवाओंकेविस्तारमेंमददकरेगी,रोजगारकेअवसरपैदाकरेगी,हवाईअड्डोंऔरआईटीकॉरिडोरकोकेसाथ-साथशहरोंकातेजीसेविकासकरेगी।

सरकारकीविस्तृतप्रोजेक्टरिपोर्ट(डीपीआर)केअनुसार,केरलरेलवेनेरूपरेखाप्रकाशितकियाहै।तिरुवनंतपुरमसेशुरूहोनेवालीरेलवेलाइनमेंकोल्लम,चेंगन्नूर,कोट्टायम,एर्नाकुलम(कक्कानाड),कोचीनएयरपोर्ट,त्रिशूर,तिरूर,कोझिकोड,कन्नूरऔरकासरगोडमेंस्टेशनहोंगे।कोझीकोडमेंप्रस्तावितस्टेशनभूमिगतहोगा,तिरुवनंतपुरम,एर्नाकुलमऔरत्रिशूरमेंएलिवेटेडऔररेस्टग्रेडपरहोंगे।कोचीनइंटरनेशनलएयरपोर्टलिमिटेड(सीआईएल)पहलेहीवहांस्टेशनकेलिए1एकड़जमीनकीपेशकशकरचुकाहै।

राज्यकैबिनेटनेऔपचारिकरूपसेभूमिअधिग्रहणकोमंजूरीदेनेकेसाथमहत्वाकांक्षीप्रोजेक्टकोगतिदीहै।कुल1,383हेक्टेयरकाअधिग्रहणकरनेकीआवश्यकताहै।जिसमेंसे1,198हेक्टेयरनिजीभूमिहोगी।सरकारकीकेंद्रीयनिवेशशाखाकेरलइंफ्रास्ट्रक्चरइन्वेस्टमेंटफंडबोर्ड(KIIFB)से2,100करोड़रुपयेप्राप्तकरनेकीप्रशासनिकमंजूरीकोभीकैबिनेटनेमंजूरीदेदीहै।

पिछलेसालजूनमेंराज्यसरकारनेमामूलीबदलावकेसाथडीपीआरकोमंजूरीदीथी।केंद्रनेप्रोजेक्टकेलिएसैद्धांतिकमंजूरीदेदीहै।केरलसरकार,केंद्रसेइक्विटीफंडऔरबहुपक्षीयउधारएजेंसियोंसेऋणकाउपयोगकरकेरेलवेलाइनकानिर्माणहोनेकीउम्मीदहै।

प्रोजेक्टकेलिएअनौपचारिकसमयसीमा2025है,लेकिनकईलोगकहेंगेकियहएकयथार्थवादीलक्ष्यनहींहै,केरलजैसेअत्याधिकघनीआबादीवालेराज्यमेंभूमिअधिग्रहणकीश्रमसाध्यप्रकृतिकोदेखतेहुए।शहरीक्षेत्रोंमेंभूमिअधिग्रहण,विशेषरूपसेनिजीसेजमीनकाअधिग्रहणपरियोजनाकेलिएप्रमुखचुनौतीबनीहुईहै।प्रस्तावितमार्गकेरास्तेमेंराज्यकेपारिस्थितिकीतंत्रकोसंभावितनुकसानकाहवालादेतेहुएपर्यावरणविदोंद्वाराप्रोजेक्टकाविरोधभीहै।वेराज्यकीनदियों,धानकेखेतोंऔरआर्द्रभूमिपरअपरिवर्तनीयप्रभाव,भविष्यमेंबाढ़औरभूस्खलनकोट्रिगरकरनेसेडरतेहैं।पर्यावरण-विशेषज्ञोंऔरकार्यकर्ताओंकेएकमंच,केरलपरिस्थितीऐक्यवेदीनेसरकारसेइसप्रोजेक्टकोछोड़नेऔरस्थायीसमाधानतलाशनेकाआह्वानकियाहै।इसलिए,प्रोजेक्टकोगतिदेनेकेलिएइनचिंताओंकोदूरकरनेऔरभूमिअधिग्रहणमेंतेजीलानेकीसरकारकीक्षमतापरनिर्भरकरेगा।