हिमाचल सी होती थी जेएनयू की खूबसूरती, डा. सैयद एहतेशाम हसनैन ने शेयर की पुरानी यादें

नईदिल्ली[रितुराणा]।दिल्लीसपनोंकोपंखदेनेवालाशहरहै।यहांहरमौसमकाअपनाअलगहीमिजाजहै।लेकिनबरसातमेंदिल्लीकीखूबसूरतीउनदिनोंदेखनेलायकहोतीथी।जवाहरलालनेहरूविश्वविद्यालयकाइलाकाउत्तराखंडऔरहिमाचलसेकमनहींलगताथा।चारोंओरहरियालीदेखदिल्लीसेबाहरघूमनेजानेकामनहीनहींहोताथा।कैंपसमेंतरह-तरहकेपक्षियोंकोदेखमनखुशहोजाताथा।मोरतोखूबदिखाईदेतेथे।मैंगंगाहास्टलमेंकमरानंबर18मेंरहताथा,जोऊंचीपहाड़ीपरथा।बारिशमेंवहांसेक्याखूबनजारेदिखतेथे।

बारिशकापानीझरनेकीतरहबहताहुआनीचेकैंपसमेंआताथा।हास्टलसेदोकिलोमीटरकापहाड़ीवालाकच्चारास्तातयकरकैंपसपढ़नेजायाकरताथा।सड़केंतोहमारेसामनेबनींहैं।

जेएनयूसेपैदलसंसदभवनतक

वर्ष1977मेंजबआपातकालहटाऔरचुनावकेबादजनसंघकीसरकारबनीतोहमलोगोंनेइंदिरागांधीकाजमकरविरोधकिया।रोजानाजेएनयूसेपैदलमार्चनिकालतेहुएसंसदभवनतकजातेथे।उससमयजेएनयूमेंगिल्टीफारकोबाहरनिकालोआंदोलनचलाथा।यहवाइसचांसलर,सुरक्षाअधिकारीसहितउनचारलोगोंकेलिएथा,जिन्होंनेआपातकालकेदौरानजेएनयूमेंखूबउत्पातमचाया।जिसनेभीतत्कालीनसरकारकाविरोधकिया,उन्हेंजेलमेंडालदियागया।

आपातकालकेबादभलेहीजनसंघकीसरकारबनीलेकिनतबजेएनयूकेअंदरकोईगलतीसेभीखुदकोजनसंघकासमर्थकनहींबताताथा।वहांहमेशाहीलेफ्टकादबदबारहा।

चलतीथीनाइटस्पेशल

उससमयदिल्लीमेंइतनीमहंगाईनहींथी।67रुपयेहमारेमेसकामहीनेकाबिलआताथा,जिसमेंनाश्तेमेंदोब्रेड,आमलेट,दूधऔरचाय,लंचमेंसब्जी,रोटीऔररातकोदालचावलमिलतेथे।साढ़ेबारहरुपयेकामहीनेभरकापासबनवाकरखूबदिल्लीघूमाकरताथा।जेएनयूसे620नंबरकीडीटीसीबससेरीगलबिल्डिंगकेपीछेएकछात्रकोट्यूशनपढ़ानेजायाकरताथा।पालिकाबाजारनयानयाबनाथा।

कनाटप्लेसकेशापिंगकांप्लेक्सहमेंखूबआकर्षितकरतेथे।जबभीकोईहमारेगांवसेआताउन्हेंघुमानेवहींलेकरजायाकरतेथे।जेएनयूसे650नंबरकीबसकरोलबागजातीथी।वहांअक्सरमहाशयकीहट्टीपरकुल्फीखानानहींभूलतेथे।तबदिल्लीइतनीसुरक्षितथीकिरातके12बजेभीकहींआनेजानेमेंपरेशानीनहींहोतीथी।रातको11बजेसेसुबहचारबजेतकडीटीसीकीनाइटस्पेशलबसभीचलतीथीं।उसीमेंघूमतेहुएहास्टलपहुंचतेथे।

सस्तासामानखरीदनेजातेथेपुरानीदिल्ली

खानेपीनेकीचीजेंहोंयाघरेलूसामान,खरीदारीकरनेकेलिएपुरानीदिल्लीहीजातेथे।वहांसस्ताऔरअच्छासामानमिलताथा।फतेहपुरीमस्जिदकेपीछेफलोंकीबहुतसारीदुकानेंथीं।वहांसेफलखरीदलाताथा।हरसप्ताहसड़कोंपररविवारबाजारभीलगताथा,जहांपुरानीचीजेंमिलतीथीं।झोलाभरकरसबलेआतेथे।

आजादीकावोउल्लास..

माहौलचूंकिदेशभक्तिकाहै।आजादीकीवर्षगांठकाहैतोस्वाधीनताकेपुरानेजश्नयादआतेहैं।साढ़ेचारदशकपुरानीबातहै,लालकिलेपरमुशायराहोताथा।उमंगऔरआजादीकेउल्लासमेंडूबेलालकिलापरिसरमेंशामकोसूर्यास्तकेबादशायरजांनिसारअख्तरवकैफीआजमीकालाइवमुशायराथा,उसकेलिएदोपहरसेहीलोगजुटनेलगेथे।लालकिलेसेलेकरपूरेचांदनीचौकमेंरौनकथी।

जांनिसारअख्तरपाकिस्तानऔरहिंदूस्तानकेसंदर्भमेंवननेशनकीबातकरतेथे।उनकीशायरीमेंभाईचारेऔरदेशभक्तिकासंदेशहोताथा।हरएकशेरकेबादपूरालालकिलातालियोंकीगड़गड़ाहटसेगूंजउठताथा।वहांइतनीभीड़होतीथीकिलालकिलेकीदीवारोंपरचढ़करभीलोगमुशायरेकाआनंदलेतेथे।देररातमुशायराखत्महोनेकेबादभीहमघरनहींजातेथे।पुरानीदिल्लीमेंखाने-पीनेकामजालेतेथे,घूमतेथेवहांमेलेजैसाअनुभवहोताथा।दूसरेराज्योंसेभीलोगबड़ेबड़ेकवियोंमुशायरासुननेआतेथे।

13अप्रैल,1954कोबिहारकेगयामेंजन्मेजामियाहमदर्दविविकेपूर्ववाइसचांसलरडा.सैयदएहतेशामहसनैननेजेएनयूसेएमएससीकीपढ़ाईकी।इसकेबाददिल्लीविविकेवनस्पतिविज्ञानविभागमेंनौकरीकी।फिर1982मेंनौकरीछोड़विदेशजाकरआगेपढ़ाईकी।वापसदिल्लीआनेकेबादजेएनयूमेंअनुरक्षाविज्ञानसंस्थानमेंपढ़ाया।2016मेंजामियाहमदर्दविविमेंकुलपतिबने।वर्तमानमेंआइआइटीदिल्लीऔरशारदायूनिवर्सटिीमेंपढ़ारहेहैं।डेल्टावायरसपरभीकामकररहेहैं।