दिल्ली में रह रहे बिहारी मजदूरों के आंखों में छायी है शून्यता

मधुबनी।बाबूबरहीप्रखंडक्षेत्रकेपरसागांवकेसंतोषकुमारदोदिनपूर्वदिल्लीसेजैसे-तैसेघरपहुंचाहै।दिल्लीकेआपबीतीसुनातेआंखेछलछलाजाती।आवाजटूटजातीऔरचेहरापीलापड़जाताहै।हालांकिसरकारकेनिर्देशकीअवहेलनाकरतेघरपहुंचनेकोलेकरयेअपराधबोधसेपीड़ितहैं।

येदिल्लीकेद्वारकासेक्टर6बी-65मेंरहकरघूमघूमकरकारपेंटरकाकामकरतेथे।कोरोनाजैसेमहामारीकोलेकरदिल्लीलॉकडाउनहुआ।संतोषकेसंगअन्यसाथीभीघरमेंकैदहुए।एकसप्ताहतोठीकठाकबीता।फिरदिल्लीजलबोर्डद्वारासप्लाईकिएजारहेपानीगंदावकीचड़युक्तआनेलगा।जोअनवरतजारीरहा।प्रतिदिनखरीदेगए20लीटरफिल्टरपानीकोपीना,खानाबनाना,नहानाआदिरूटिनबनाली।भोजनकीसमस्यासामनेआई।निर्देशानुसारआधारकार्डकोलेकरमुहल्लेकेमाताजीमंदिरकेनिकटपीडीएसकेदुकानोंकाकईदिनचक्करलगाया।कितुएकरत्तीअनाजभीनसीबनहींहोसका।बतायादादादेवकालोनीअवस्थितप्राइमरीस्कूलपरसामुदायिकराहतकेंद्रचलताहै।कितुयहांभोजनकेवक्तलोगोंकाभीडटूटपडती।कुछकोखानामिलताकुछकोनहीं।यहीहालवहांरहरहेइनकेसाथीरामअवधएवंरामाश्रयकाहै।परसागांवकेमिथिलेशठाकुर,रवीन्द्रठाकुर,अमनठाकुर,पीडागढदिल्लीमेंरहतेहैं।मुरहदीगांवकेहरिश्चन्द्रपासवाननयाबागसदरबाजारवराहुलभवानादिल्लीमेंरहतेहैं।प्रखंडक्षेत्रकेसैकडोंलोगदिल्लीमेंबासकरतेहैं।कमोवेशमजदूरवमध्यमवर्गकेलोगोंकायहीहालहै।जहांइनकेआंखोंमेंउत्पन्नपरिस्थितिकोलेकरशून्यताछायीहैवहींइनकेस्वजनोंकोइसबातकोलेकरमिलनेकोलेकरह्रदयतड़परहाहै।