दिल्ली हिंसा पर यूएससीआईआरएफ, अन्य की टिप्पणियां मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश: एमईए

नयीदिल्ली,27फरवरी(भाषा)भारतनेउत्तरपूर्वीदिल्लीमेंहुईहिंसाकेसंबंधमेंएकअमेरिकीआयोगऔरकुछलोगोंद्वाराकीगईटिप्पणियोंकोबृहस्पतिवारको‘तथ्यात्मकरूपसेगलतऔरभ्रामक’बतायाऔरकहाकियहमुद्देकाराजनीतिकरणकरनेकाप्रयासहै।विदेशमंत्रालयकेप्रवक्तारवीशकुमारकीयहप्रतिक्रियाएकदिनपहलेअंतरराष्ट्रीयधार्मिकस्वतंत्रतापरअमेरिकीआयोग(यूएससीआईआरएफ)द्वारादिल्लीमेंहिंसापर‘गहरीचिंता’जतानेपरआई।आयोगनेभारतसरकारसेकहाकिवहलोगोंकीरक्षाकरें,चाहेवेकिसीभीधर्मकेहों।अमेरिकामेंराष्ट्रपतिपदकेउम्मीदवारबर्नीसेंडर्ससमेतकईप्रभावशालीअमेरिकीसांसदोंनेदिल्लीमेंहिंसापरचिंताजताईहै।हिंसाकेमुद्देपरसैंडर्सनेबुधवारकोट्वीटकिया,‘‘20करोड़सेअधिकमुसलमानभारतकोअपनाघरकहतेहैं।व्यापकपैमानेपरमुस्लिमविरोधीभीड़कीहिंसामेंकमसेकम27लोगमारेगएऔरकईअन्यघायलहोगए।ट्रम्पनेयहकहकरजवाबदियाकि‘यहभारतकामामलाहै।’यहमानवाधिकारोंपरनेतृत्वकीनाकामीहै।’’हिंसामें34लोगोंकीमौतहोचुकीहै।कुमारनेकहा,‘‘हमनेयूएससीआईआरएफ,मीडियाकेकुछतबकोंऔरकुछलोगोंद्वारादिल्लीमेंहिंसाकीहालियाघटनाओंकोलेकरकीगईटिप्पणियांदेखी।येतथ्यात्मकरूपसेगलतऔरभ्रामकहै।ऐसालगताहैकिइसकाउद्देश्यमुद्देकाराजनीतिकरणकरनाहै।’’एमईएनेयहस्पष्टनहींकियाकिउसकाइशाराकिनलोगोंकीओरहै।मानाजारहाहैकियहदिल्लीहिंसाकेमुद्देपरभारतकेआलोचकअमेरिकीसांसदोंकेलिएकहागयाहै।कुमारनेकहाकिकानूनप्रवर्तनएजेंसियांहिंसाकोरोकनेकेलिएकामकररहीहैंऔरयहसुनिश्चितकरनेकाप्रयासकररहीहैंकिभरोसाकायमहोऔरसामान्यहालातबहालहों।उन्होंनेकहा,‘‘इसप्रक्रियामेंसरकारकेवरिष्ठप्रतिनिधिशामिलहैं।प्रधानमंत्रीनरेन्द्रमोदीनेसार्वजनिकतौरपरशांतिऔरभाईचाराकायमकरनेकीअपीलकीहै।हमअनुरोधकरेंगेकिइतनेसंवेदनशीलवक्तमेंगैरजिम्मेदारानाटिप्पणियांनकीजाएं।’’यूएससीआईआरएफनेबुधवारकोकहाथा,‘‘दिल्लीमेंजारीहिंसाऔरमुस्लिमों,उनकेघरों,दुकानों,धार्मिकस्थलोंपरकथितहमलेबेहदपरेशानकरनेवालेहैं।किसीभीजिम्मेदारसरकारकाअत्यावश्यककर्तव्यहैकिवेअपनेनागरिकोंकीरक्षाकरेंऔरउन्हेंशारीरिकसुरक्षादें,चाहेवेकिसीभीधर्मकेहों।’’