बस्सी विद्युत परियोजना की स्थापना के पूरे हुए 50 वर्ष, प्रदेश को प्रतिवर्ष हो रही है 100 करोड़ की कमाई

राजेशशर्मा,जोगेंद्रनगर।मंडीजिलाकेजोगेंद्रनगरकस्बेसेमहज6किलोमीटरकीदूरीपरबस्सीनामकस्थानपरस्थापितहै66मैगावॉटकीपनविद्युतपरियोजना।वर्ष1970सेबिजलीउत्पादनकीशुरूआतकरतेहुएइसपरियोजनानेस्थापनाके50वर्षोंकोपूर्णकरलियाहै।

ऊहलचरणदोकेतहतस्थापितइसपनबिजलीपरियोजनासेप्रतिवर्षप्रदेशसरकारकोऔसतन90से100करोड़रूपयेकीआयप्राप्तहोरहीहै।वर्तमानमेंइसपरियोजनामेंसाढ़े16मैगावॉटकीक्षमतावालेचारटरबाईनकार्यकररहेहैं।जिनसेप्रतिदिन15लाख84हजारयुनिटबिजलीकाउत्पादनहोरहाहै।

वर्ष1965कोपंजाबकेतत्कालीनमुख्यमंत्रीकामरेडरामकिशननेरखीथीआधारशिला

ऊहलनदीपनविद्युतपरियोजनाकेअंतर्गतचरणदोकेतहतबस्सीपनविद्युतपरियोजनाकीआधारशिला17मई,1965कोपंजाबकेतत्कालीनमुख्यमंत्रीकामरेडरामकिशननेरखीथी।इसपरियोजनाकी15मैगावॉटकीपहलीटरबाईनने13अप्रैल,1970कोविद्युतउत्पादनशुरूकरदियाथा।दूसरीटरबाईन24दिसम्बर,1970तथातीसरीटरबाईनने15जुलाई1971कोबिजलीउत्पादनशुरूकरदिया।

पहलेइसपरियोजनाकीकुलविद्युतउत्पादनक्षमता45मैगावॉटथीजिसे10जुलाई1981कोबढ़ाकर60मैगावॉटकरदियागया। इसकेबादइसमेंव्यापकसुधारलातेहुएवर्ष2010व2012केबीचइसकीउत्पादनक्षमताकोबढ़ाकरप्रतिटरबाईन16.5मैगावॉटकीदरसे66मैगावॉटकरदियागयाहै।वर्तमानमेंइसपरियोजनासे66मैगावॉटबिजलीकाउत्पादनहोरहाहै।इसपरियोजनाकेनिर्माणपरआरंभिकतौरपरलगभगसाढ़े17करोड़रूपयेकीराशिव्ययकीगईहै।

प्रतिवर्ष302मिलियनयुनिटबिजलीउत्पादनकारहताहैलक्ष्य

हिमाचलप्रदेशराज्यबिजलीबोर्डकेअंतर्गतकार्यरतबस्सीपनबिजलीपरियोजनाकेतहतप्रतिवर्षऔसतन302मिलियनयुनिटबिजलीउत्पादनकालक्ष्यरहताहै।परियोजनाशुरूहोनेसेलेकरअबतकसबसेअधिकबिजलीउत्पादनवर्ष1998-99में332मिलियनयुनिटरहाहैजबकिपिछलेवित्तीयवर्षमेंयहउत्पादन331मिलियनयूनिटप्रतिवर्षदर्जहुआहै।

वर्तमानमेंइसपरियोजनाकेसंचालनकेलिएयहांपरलगभग150विभिन्नश्रेणीयोंकेकर्मीतैनातहैं।जिनमेंतकनीकी,गैरतकनीकी,अनुबंध,आउटसोर्सएवंसुरक्षाकर्मीशामिलहैं।यदिस्वीकृतपदोंकेआधारपरबातकरेंतोइसपरियोजनामेंविभिन्नश्रेणीयोंकेलगभग90पदरिक्तचलरहेहैं।

क्याकहतेहैंअधिकारी

स्थानिकअभियन्ताबस्सीपनविद्युतपरियोजनाईं.सूरजसिंहठाकुरकाकहनाहैकिऊहलपनबिजलीपरियोजनाकेअंतर्गतचरण-दोकेतहतस्थापितबस्सीपॉवरहाउसनेउत्पादनशुरूकरनेकेअपने50वर्षकेसफरकोपूर्णकरलियाहैजोपूर्णराज्यत्वके50वर्षपूर्णहोनेपरस्वर्णिमहिमाचलकेलिएयेगौरवशालीपलहैं।उन्होनेकहाकिहिमाचलप्रदेशकोपूर्णराज्यत्वकादर्जामिलनेसेएकवर्षपहले13अप्रैल,1970कोइसपरियोजनाकी15मैगावॉटकीपहलीटरबाईननेविद्युतउत्पादनप्रारंभकरदियाथाजबकि15जुलाई1971तक45मैगावॉटकीतीनटरबाईनोंनेबिजलीउत्पादनशुरूकरदिया।उन्होनेबतायाकिइसपरियोजनासेवर्तमानमेंप्रतिदिन15लाख84हजारयुनिटबिजलीकाउत्पादनहोरहाहै,जबकिप्रतिवर्षऔसतन90से100करोड़रूपयेकेबीचबिजलीउत्पादनहोरहाहै।

ऊहलनदीकेतहतस्थापितहोनीहैतीनबिजलीपरियोजनाएं

जोगेंद्रनगरकीखूबसूरतबरोटघाटीसेबहनेवालीऊहलनदीपरतत्कालीनपंजाबसरकारमेंअंग्रेजचीफइंजीनियरकर्नलबीसीबैटीनेवर्ष1922मेंऊहलनदीपरआधारितपनबिजलीपरियोजनाओंकीपरिकल्पनाकीथी।वर्ष1925मेंतत्कालीनमंडीरियासतकेराजाजोगेंद्रसेनवभारतसरकारकेमध्यहुएसमझौतेकेतहतपहलेचरणमेंशाननपनबिजलीपरियोजनानिर्मितहुई।जिसमेंवर्ष1932सेबिजलीउत्पादनशुरूकरदियाथा।

वर्तमानमेंशाननपनबिजलीपरियोजनासे110मैगावॉटबिजलीउत्पादनहोरहाहैजोपंजाबराज्यकेअधीनहै।इसकेबाददूसरेचरणमेंबस्सीपनबिजलीपरियोजनाकीपरिकल्पनाकीथीजिसमेंभीवर्ष1970सेबिजलीउत्पादनकीशुरूआतकरतेहुएवर्तमानमें66मैगावॉटविद्युतउत्पादनकियाजारहाहै।इसकेबादऊहलचरणतीनकेतहतजोगेंद्रनगरकेलडभड़ोलक्षेत्रकेतहतचुल्लानामकगांवमें100मैगावॉटबिजलीउत्पादनप्रस्तावितहैजोअभीनिर्माणाधीनहै।

ऐसेमेंऊहलनदीपरआधारितइनतीनोंपनबिजलीपरियोजनाओंकेशुरूहोजानेसे276मैगावॉटबिजलीकाउत्पादनहोगाजोआनेवालेसमयमेंप्रदेशकीआर्थिकीकोबलप्रदानकरनेमेंअहमकड़ीसाबितहोंगे।