बंद कर दिए गए बड़े पुराने नोट से अर्थव्यवस्था की पारदर्शिता हो रही थी प्रभावित: रविशंकर प्रसाद

नयीदिल्ली,18नवंबर::पांचसौऔर1000रपयेकेबड़ेनोटोंकाचलनबंदकरनेकोप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीकीअगुवाईवालीसरकारद्वाराकालेधनकेखिलाफलड़ाईमेंउठाएगएकदमोंकाअगलास्वभाविककदमकरारदेतेहुएएकवरिष्ठकैबिनेटमंत्रीनेआजकहाकिचलनसेबंदकरदिएगएयेनोटभारतीयअर्थव्यवस्थाकीपारदर्शिताकोप्रभावितकररहेथे।कंेंद्रीयकानूनमंत्रीरविशंकरप्रसादनेयहांसीबीआईकीमेजबानीमेंआयोजितभ्रष्टाचारनिरोधकसम्मेलनकोसंबोधितकरतेहुएकहाकिमोदीसरकारद्वाराउठायागयायहकदमपरिवर्तनकारीपासापलटनेवालाकदमहै।उन्होंनेकहा,500और1000रपयेकेपुरानेनोटोंकाचलनबंदकरनेकेहमारीसरकारकेवर्तमानफैसलेपरबहसहोरहीहैलेकिन,हमारीसरकारनेइनसालोंमेंजोतरीकाअपनायाहै,उसपरयदिआपगौरकरेंगेतोआपपाएंगेकियहइससवालकेसिलसिलेमेंनरेंद्रमोदीसरकारद्वाराकीगयीपहलोंकाअगलास्वभाविककदमहै......500और1000रपयेकोहटानेकायहफैसलाक्यों......यहबड़ासरलजवाबहै।उन्होंनेकहा,भारतकीजीडीपीका15प्रतिशतनकदहैजोअन्यदेशोंकेविपरीतबहुतहीज्यादाहै।उस15फीसदीमेंसे85-86फीसदी500और1000रपयेकेनोटोंमेंहै।हमनहींकहतेहैकिहरभारतीयभ्रष्टहै,बिल्कुलनहीं।यहनहींकहतेहैंकिहरनकदगलतहै।लेकिनएककठोरतथ्ययहहैकि500और1000रपयेनोटोंकीइतनीबड़ीसंख्याअर्थव्यवस्थाकीशुचिता,उपयुक्तताऔरपारदर्शिताकोप्रभावितकररहीहै।प्रसादनेकहाकिसरकारनेकालेधनपरविशेषजांचदल,करसंधियोंपरफिरसेबातचीतकरना,बेनामीलेन-देनकानून,एकबारगीकालाधनअनुपालनसुविधाजैसेकदमउठाएहैं।