अल्पसंख्यक संस्थान नहीं AMU,आरक्षण नीति का करे पालन: आरएसएस

नईदिल्‍लीराष्‍ट्रीयस्‍वयंसेवकसंघ(आरएसएस)नेअलीगढ़मुस्लिमविश्वविद्यालय(एएमयू)केअल्पसंख्यकसंस्थाननहींहोनेकीबातपरजोरदेतेहुएकहाहैकिविश्वविद्यालयअनुसूचितजाति,अनुसूचितजनजातिऔरअन्यपिछड़वर्गोंकेलिएआरक्षणकीनीतिलागूनाकरएक'बड़ाअपराध'कररहाहै।आरएसएसकेसंयुक्तमहासचिवकृष्णगोपालनेशनिवारकोकहाकिएएमयूकेअल्पंसख्यकसंस्थानकेदर्जेपरएनडीएसरकारकारुखयूपीएसरकारकोछोड़करबाकीपूर्ववर्तीसरकारोंकेरुखऔर1968मेंआएसुप्रीमकोर्टकेएकआदेशकेअनुरूपहै।एनडीएसरकारनेइससालअप्रैलमेंसुप्रीमकोर्टसेकहाथाकिवहएएमयूकोगैरअल्पसंख्यकसंस्थानकरारदेनेकेइलाहाबादहाईकोर्टकेफैसलेकोचुनौतीदेनेकेलिएपूर्ववर्तीयूपीएसरकारद्वारादायरयाचिकावापसलेगी।गोपालनेकहा,'केंद्रकारुखवहीहैजोमौलानाआजाद,(तत्कालीनमानवसंसाधनविकासमंत्री)एमसीछागला,(सैयद)नुरुलहसनकारुखथा।उससमयतीनों(तत्कालीन)प्रधानमंत्रीजवाहरलालनेहरू,लालबहादुरशास्‍त्रीऔरइंदिरागांधीभीवहांथे।हमारारुखसुप्रीमकोर्टकेफैसलेजैसाहै।हमनेफैसलेकोनहींबदला,यूपीएने2005मेंऐसाकियाथा।'उन्होंनेकहा,'इसलिएवर्तमानकेंद्रसरकारनेकोईनयाफैसलानहींलियाहै।उन्होंनेवहीफैसलालियाजो1968मेंसुप्रीमकोर्टकेपांचन्यायाधीशोंकीएकपीठनेदियाथा।ऐसाहीफैसलासंविधानसभानेलियाथाजिसमेंबाबासाहबआंबेडकर,मौलानाआजादऔरकईमुस्लिमनेताशामिलथे।'