अकेले अखिलेश नहीं, 35 साल के इतिहास में कई पार्टियों से नाता तोड़ चुकी हैं मायावती

बसपाप्रमुखमायवातीने24सालपुरानीदुश्मनीभुलाकरलोकसभाचुनावमेंअखिलेशयादवकेसाथहाथमिलायाथा.इसकेबादभीप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीकेविजयरथकोउत्तरप्रदेशमेंदोनोंनहींरोकसके.इसीकेचलतेलोकसभाचुनावकेनतीजेकेमहज12दिनबादहीबसपानेसपाकेसाथगठबंधनतोड़नेकासंकेतदिएथे.अबरविवारकोजिसतरहसेमायावतीनेअखिलेशयादवपरजमकरहमलाबोलाऔरधोखेबाजीकाआरोपलगायाहै,इसकेबाददोनोंकेबीचदोस्तीकीकोईगुंजाइशनहींरहजातीहै.

बतादेंकिबसपाके35सालकेसियासीसफरमेंयहपहलामौकानहींजबमायावतीनेकिसीगठबंधनकोछोड़ाहै.मायावतीअलगअलगसमयपरअपनेराजनीतिकफायदेकेहिसाबकेगठबंधनकरतीऔरतोड़तीरहीहैं.फिरचाहेवोगेस्टहाउसकांडकेबादमुलायमसिंहकासाथछोड़नाहोयाफिरअपना6महीनेकाकार्यकालपूराकरनेकेबादकल्याणसिंहकीसरकारसेसमर्थनवापसलेनाहो.इसकेबादअबलोकसभाचुनावमेंजीरोसे10सीटेंपहुंचनेकेबादमायावतीनेअखिलेशकेसिरहारकाठीकराफोंड़तेहुएगठबंधनतोड़ा.ऐसेमेंसवालउठरहेहैंकिक्यामायावतीएकबारफिरअवसरवादकीसियासतकररहीहैं.

गेस्टहाउसकांडकेबादमुलायमसेतोड़ाथानाता

बसपाकीस्थापना1984मेंकांशीरामनेकीथीऔरपहलीबार1993मेंगठबंधनकेफॉर्मूलेकाटेस्टकियाथा.बसपानेमुलायमसिंहयादवकीसपाकेसाथमिलकर1993मेंउत्तरप्रदेशमेंविधानसभाकाचुनावलड़ा.इसचुनावमें'मिलेमुलायमकांशीराम,हवामेंउड़गएजयश्रीराम'कानाराचलाऔरसपा-बसपागठबंधनकोजबरदस्तफायदामिला.सपा256 सीटोंपरचुनावलड़कर109परजीतदर्जकीवहींबसपा164सीटपरलड़ीऔर67सीटेंअपनेखातेमेंडालीं.

गठबंधनसत्तामेंआयाऔरबसपासरकारमेंशामिलहुई.मुलायमसिंहयादवमुख्यमंत्रीबने,दोसालसरकारभीचली.मायावतीसेज्यादादेखानहींगयाऔर1जून1995कोवोमुलायमसरकारसेसमर्थनवापसलेनेकीतैयारीकरनेलगीं.इसबातकीभनकमुलायमसिंहकोलगगईऔरउसकेबादही2जूनकोलखनऊमेंगेस्टहाउसकांडहुआ,जिसमेंसपाकेकईविधायकोंऔरनेताओंनेमायावतीकोघेरलियाथा.इसकेबादसपा-बसपाकेरास्तेअलगहोगए.

बीजेपीसेमिलकरसरकारबनाईफिरतोड़दिया

गेस्टहाउसकांडकेबादमुलायमसिंहयादवसेनातातोड़नेकेएकदिनबादही3जून1995कोमायावतीनेबीजेपीकेसाथमिलकरसरकारबनाईऔरमुख्यमंत्रीबनी.बीजेपीकीमददसेसीएमरहतेहुएमायावतीनेसार्वजनिकरूपसेबीजेपीनेतापूर्वमुख्यमंत्रीकल्याणसिंहपरहमलावररहीं.मायावतीकेलगातारजारीहमलोंकेबीचबीजेपीनेबसपासरकारसे17अक्टूबर1995कोसमर्थनवापसलेलिया.इसकेबादसूबेमेंराष्ट्रपतिशासनलगगया.

1996मेंबसपा-कांग्रेसगठबंधन

सपाऔरबीजेपीकेबादबसपानेकांग्रेसकेसाथदोस्तीकाहाथबढ़ाया.उत्तरप्रदेशमें1996केविधानसभाचुनावमेंबसपाऔरकांग्रेसमिलकरचुनावीमैदानमेंउतरी,लेकिनगठबंधनकोकोईखासफायदानहींमिला.बसपा300सीटोंपरलड़कर66औरकांग्रेस125सीटोंपरलड़कर33सीटेंजीतनेमेंसफलरही.दिलचस्पबातयहहैकिसूबेमेंकिसीभीपार्टीकोबहुमतनहींमिलनेसेसरकारनहीबनसकीऔरराष्ट्रपतिशासनलगगया.मायावतीनेउसवक्तकांग्रेसपरआरोपलगातेहुएकहाथाकिइससेकोईफायदानहींमिलाऔरगठबंधनतोड़लिया.

1997मेंभाजपासेफिरमिलायाहाथ

मायावतीनेदोसालकेबाद1997मेंबीजेपीकेसाथएकबारफिरहाथमिलाया.इसकेलिएदोनोंपार्टियोंकेबीच6-6महीनेकेसीएमफॉर्मूलेपरसहमतिबनी.मायावतीपहलेमुख्यमंत्रीबनीऔरअपनेछहमहीनेकाकार्यकालपूराकरनेकेबादअपनेपदइस्तीफादेदियाऔरकल्याणसिंहमुख्यमंत्रीबने.मायावतीनेकल्याणसिंहकोएकमहीनेभीढंगसेकामनहींकरनेदिया.उन्होंनेकल्याणसिंहकोदलितविरोधीबतातेहुएउनकेखिलाफअभियानछेड़दिया.10अक्टूबर1997कोबसपानेकल्याणसिंहसरकारसेसर्मथनवापसलेलिया.हालांकिकल्याणसिंहनेबसपा,कांग्रेसऔरजनतादलकेकईविधायकोंकोतोड़करसदनमेंबहुमतसाबितकरअपनीसरकारकोबचालियाथा.

1999मेंकेंद्रमेंअटलसरकारकोगिरादियाथा

1998मेंकेंद्रमेंबनीबीजेपीसरकारपर13महीनेकेबाद1999मेंसंकटआगईथी.इसदौरानतत्कालीनप्रधानमंत्रीअटलबिहारीवाजपेयीसेबसपानेवादाकियाकिविश्वासप्रस्तावकेदौरानसरकारकासमर्थनकरेगी.सदनमेंजबविश्वासप्रस्तावपरचर्चाशुरूहुईऔरमायावतीजैसेहीबोलनेकेलिएखड़ीहुईं,उन्होंनेकहाकिवोसरकारकेसमर्थनमेंनहींहैं.इसकेबादबीजेपीकीसरकारगिरगई.

2002मेंतोड़ाबीजेपीसेनाता

उत्तरप्रदेशमें2002मेंहुएविधानसभाचुनावमेंकिसीभीपार्टीकोबहुमतनहींमिला.इसकेबादबसपाऔरबीजेपीदोनोंपार्टियोंकेबीचढाई-ढाईसालकेसीएमफॉर्मूलेपरसरकारबनानेकेलिएसहमतिहुई.मायावतीमुख्यमंत्रीबनींऔर1साल117दिनकीसरकारचलानेकेबादउन्होंनेइस्तीफादेदिया,जिससेबीजेपीकोतगड़ाझटकालगा.इसतरहबीजेपीसेएकबारफिरगठबंधनटूटगया.इसकेबादसपाअध्यक्षमुलायमसिंहबसपाकेविधायकोंकोतोड़करसरकारबनानेमेंसफलरहे.

2018मेंकर्नाटकमेंबसपा-जेडीएसगठबंधन

बसपाने2018मेंगठबंधनकेफॉर्मूलपरचलनेकेलिएकदमबढ़ाया.कर्नाटकमेंबसपानेजेडीएसकेसाथमिलकरविधानसभाचुनावलड़ाऔरएकविधायकजीतनेमेंसफलरही.22मई2018कोकर्नाटकविधानचुनावकेनतीजेआए,कांग्रेसऔरजेडीएसगठबंधननेसत्तासंभालीऔरएचडीकुमारस्वामीमुख्यमंत्रीबनेतोबसपाभीसरकारमेंशामिलहुईएकलौतेविधायककोमंत्रीबनायागया.

कुमारस्वामीकीशपथग्रहणमें सोनियागांधीऔरमायावतीकेव्यवहारमेंइतनीनजदीकीदेखकरमानाजारहाथाकिबसपामध्यप्रदेश,छत्तीसगढऔरराजस्थानमेंकांग्रेसकेसाथगठबंधनकरकेचुनावलड़ेगी,दोनोंदलोंकेबीचबातचलरहीथी.इसीबीचमायावतीनेतीनोंराज्योंमेंकांग्रेसकेसाथगठबंधननहींकरनेकाऐलानकरदियाऔरकर्नाटकसरकारसेअपनेमंत्रीकाइस्तीफादिलादिया.

सपा-बसपागठबंधन144दिनचला

लोकसभाचुनावमेंबसपानेसपाकेसाथमिलकरउत्तरप्रदेशमेंचुनावलड़ा.जनवरीमेंगठबंधननेसीटशेयरिंगफॉर्मूलेकाकाऐलानकिया.बसपा38औरसपा37सीटपरलड़ी.बाकीसीटआरएलडीकेखातेमेंगई.चुनावकेनतीजेजैसेदोनोंपार्टियोंनेसोचाथावैसेनहींरहे.बसपाको10औरसपाको5सीटेंमिली.आखिरकारमायावतीनेअखिलेशयादवपरसवालउठातेहुएगठबंधनतोड़दिया.इसतरहसे24सालकीदुश्मनीकोभुलाकरएकहुएसपा-बसपाफिरअलगहोगए.

बसपानेअन्यराज्योंमेंभीतोड़ागठबंधन

बसपानेलोकसभाचुनावमेंकईदलोंकेसाथमिलकरलड़ाथा.2018मेंछत्तीसगढ़केविधानसभाचुनावमेंअजीतजोगीकेसाथबसपानेमिलकरचुनावलड़ाथाऔरलोकसभामेंजोगीकीपार्टीकाउन्हेंसमर्थनथा.नतीजेकेबादमायावतीनेजोगीकेसाथगठबंधनतोड़लिया.इसीतरहसेमायावतीनेहरियाणामेंइंडियननेशनललोकदलकेसाथगठबंधनकियाथा,लेकिनइनेलोकीपारिवारिकटूटकाहवालादेकरबसपानेयहगठबंधनतोड़ाऔरराजकुमारसैनीकीपार्टीएलएसपीकेसाथदोस्तीकाहाथबढ़ायाऔरअबउसेभीखत्मकरदिया.