12th Board Exam 2021: NSUI ने शिक्षा मंत्रालय के बाहर किया प्रदर्शन, 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने की मांग

नईदिल्ली,जागरणसंवाददाता।12वींकीबोर्डपरीक्षाओंकोरद्दकरनेकीमांगकोलेकरराष्ट्रीयअध्यक्षनीरजकुंदनकेनेतृत्वमेंएनएसयूआईपदाधिकारियोंनेशिक्षामंत्रालयकेसामनेधरनाप्रदर्शनकिया।एनएसयूआईकेप्रदर्शनकारियोंनेपीपीईकिटपहनीथी,विरोधकेदौरानसभीकोविडप्रोटोकॉलकापालनकियाऔर'पहलेसुरक्षा,फिरपरीक्षा'जैसेनारेलगाए।राष्ट्रीयअध्यक्षनीरजकुंदननेअपनेप्रेसबयानमेंकहा,“जबसेकेंद्रसरकारने12वींकीबोर्डपरीक्षाआयोजितकरनेकीअपनीयोजनाकीघोषणाकीहै,एनएसयूआईशारीरिकउपस्थितिमेंपरीक्षाओंकाविकल्पखोजनेकीमांगकररहाहै।कुछदिनपहलेमैंनेमंत्रालयकोएकपत्रलिखकरउन्हेंयाददिलायाकिवेअभीतक18सालसेकमउम्रकेलोगोंकीसुरक्षासुनिश्चितकरनेकेलिएकोईदिशा-निर्देशयानीतिनहींलाएहैंऔरइनमेंसेअधिकांशछात्रइसउम्रसेकमहैं।हमनेसरकारकोविशेषरूपसेचेतावनीदीहैकियहपरीक्षामेंबैठनेवालेछात्रोंकेलिएजानलेवाहोसकताहै।

सरकारपहलेहीटीकोंकीखरीदमेंविफलरहीहैऔरइसकेलिएकोईनिश्चितयोजनानहींहै,औरअबबोर्डपरीक्षाओंकीयोजनाकीकमीइनछात्रोंकेशैक्षणिकवर्षकोनुकसानपहुंचाएगी।उनकेशैक्षणिकवर्षकोबचानेकाएकमात्रउपायअबपरीक्षाओंपरचर्चाकरनेमेंअधिकसमयबर्बादकरनेकेबजायआंतरिकमूल्यांकनद्वाराउन्हेंबढ़ावादेनाहै।”

एनएसयूआईनेअपनास्टैंडस्पष्टकरदियाहैकिइनछात्रोंकेजीवनसेज्यादामहत्वपूर्णकुछनहींहोसकताहैऔरसरकारकोपरीक्षाआयोजितकरनेकेबजायएकविकल्पखोजनाचाहिए।एनएसयूआईबार-बारसवालउठारहाहैकि,“अगरसरकारअन्यविषयोंकेलिएमूल्यांकनकाफॉर्मूलालानेकोतैयारहैतोवेइन19विषयोंकेलिएभीऐसाक्योंनहींकरसकते?इन19विषयोंकेलिएपरीक्षाआयोजितकरनाउतनाहीखतरनाकहोसकताहैजितनाकिसभीविषयोंकेलिएहोता।

एनएसयूआईने12वींकीबोर्डपरीक्षाआयोजितकरनेकीसरकारकीयोजनामेंतत्कालबदलावकीमांगकीक्योंकिइससेअबछात्रोंमेंभ्रमऔरअवसादकीस्थितिपैदाहोरहीहै।छात्रसंगठनपरीक्षाआयोजितकरनेकेखिलाफहै,क्योंकिएकतरफशारीरिकपरीक्षाछात्रोंकेजीवनकोखतरेमेंडालदेगी,दूसरीओर,ऑनलाइनपरीक्षाकेमामलेमेंप्रत्येकछात्रइंटरनेटकाउपयोगनहींकरपाएगा।

एनएसयूआईकेराष्ट्रीयअध्यक्षनीरजकुंदननेचिंताव्यक्तकरतेहुएकहा,“येहताशसमयहैऔरमायूससमयअलगउपायोंकेलिएकहतेहैं।ऐसेछात्रहोसकतेहैंजोपहलेसेहीकोविडसेपीड़ितहैं,याऐसेछात्रहोसकतेहैंजोअपनेपरिवारकेसदस्योंकेसंक्रमितहोनेकेआघातमेंहों।हमेंनहींपताकिऐसेसभीछात्रपरीक्षामेंबैठनेकीस्थितिमेंहोंगेयानहीं।हमनेपहलेदिनसेहीस्पष्टकरदियाहैकिइनछात्रोंकीपढ़ाईकोबचानाजरूरीहै,लेकिनउनकीजानकीकीमतपरनहीं।सरकारकोजल्दसेजल्दछात्रोंकोग्रेडदेनेकेलिएवैकल्पिकफॉर्मूलेकीतलाशकरनीचाहिए।

भारतमेंभीतीसरीलहरकाडरबनाहुआहैऔरसरकारपहलेहीपर्याप्तटीकोंकीखरीदमेंविफलरहीहै।जबसरकारअपनाकामकरनेमेंविफलरहीहैतोइनछात्रोंकोसंक्रमितहोनेकेखतरेमेंडालनाउचितनहींहै।सरकारउन्हेंउनकेपिछलेप्रदर्शन,असाइनमेंटयाकक्षाकेआकलनआदिकेआधारपरग्रेडदेसकतीहै,लेकिनइनछात्रोंकेजीवनकोखतरेमेंडालनाएकअसंवेदनशीलनिर्णयहै।

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