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सुभाष चंद्र ने बताया कि 2018 में उन्होंने सरकारी हाई स्कूल धर्मकोट बग्गा में बतौर प्रिसिपल कार्यभार संभाला था। जब वे पहले दिन स्कूल में आए तो स्कूल की हालत देखकर दंग रह गए। स्कूल की बिल्डिग ऐसी थी,जैसे किसी भी समय गिर सकती हो। वहीं विद्यार्थियों व स्टाफ के लिए बाथरूम तक नहीं थे। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या मात्र 318 थी। उन्होंने स्कूल को स्मार्ट बनाने के लिए काम शुरू करवा दिया। फिर दानी सज्जनों, गांव के लोगों व सरकार ने भी उनका सहयोग किया। स्कूल में बिल्डिग के निर्माण का काम करवाया गया। फिर ऊपर वाली छत पर टाइल्स, मार्बल लगवा दिए। स्कूल में आठ क्लास रूम, साइंस लैब, कंप्यूटर लैब, एलईडी, ब्लैक बोर्ड, स्कूल में पढ़ने वाले लड़कों और लड़कियों के लिए छह अलग से बाथरूम बनवाकर दिए गए। दो बाथरूम स्टाफ के लिए बनाए गए। वहीं स्कूल में एजुकेशन पार्क भी बनाई गई। बच्चों की पढ़ाई भी अच्छी करवा दी गई। स्कूल का परिणाम अच्छा आने लगा। अब यह हाल बन चुका है कि प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर बच्चे उनके स्कूल में दाखिले ले रहे हैं। स्कूल को मिलने वाली इस राशि से स्कूल की चारदीवारी बनाई जाएगी व मेन गेट अच्छा बनाने पर खर्च करेंगे। सरकार की तरफ से स्कूल में सोलर प्रोजेक्ट भी लगवाया जा रहा है। इन दोनों स्कूलों को मिलेगा ढाई-ढाई लाख रुपये इनाम